दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल फिर से सुर्खियों में छा गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि वहां इस बार वह काम हुआ है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई थी। घूमने आए एक पर्यटक ने वहां के बगीचे में नमाज पढ़ दी थी। मामले से जुड़ा वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया और फिर बाद में उसके खिलाफ एक्शन लिया गया।
समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला गुरुवार (16 नवंबर, 2023) का है। उत्तर प्रदेश (यूपी) के आगरा में इसी रोज कुछ सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर पश्चिम बंगाल के एक पर्यटक का ताज के बगीचे में नमाज पढ़ते हुए वीडियो वॉयरल हुआ था।
मामले से जुड़े सूत्रों की मानें तो वायरल क्लिप का संज्ञान लिए जाने के बाद सुरक्षा और पुरातत्व विभाग कर्मियों ने उस पर्यटक की तलाश शुरू की और फिर उसे पकड़ा। उन्होंने बताया कि बाद में पर्यटक ने लिखित में माफीनामा देकर गलती स्वीकारी, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया। वैसे, पर्यटक को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वहां नमाज पढ़ना प्रतिबंधित है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2018 में ताजमहल परिसर में नमाज पढ़ने से जुड़ी मांग को खारिज कर दिया था। टॉप कोर्ट का कहना था कि यह ऐतिहासिक स्थल दुनिया के सात अजूबों में से एक है। ऐसे में यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि वहां कोई भी नमाज न पढ़े। नमाज पढ़ने के लिए और भी बहुत सारी जगह हैं।
ताजमहल आज भी विश्व की सबसे सुंदर, अनोखी और शानदार संरचनाओं में गिना जाता है। मुगल शासक शाहजहां ने इसे 1632 से 1653 के बीच बनवाया था। वास्तुशिल्प कला के इस नमूने को उन्होंने प्यारी पत्नी मुमताज महल के लिए बनवाया था, जिसे उनके प्रति प्रेम और भक्ति का प्रमाण माना जाता है।
