Shivsena UBT: महाराष्ट्र की राजनीति में हाल ही में हुई बड़ी राजनीतिक हलचलों के बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों के लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करने का फैसला किया है। पार्टी में हुई टूट के बाद उद्धव ठाकरे लगातार तीन दिनों तक छह लोकसभा क्षेत्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद करेंगे। दौरे की शुरुआत 27 जून को यवतमाल-वाशिम और हिंगोली से होगी। इसके बाद 28 जून को परभणी और धाराशिव, जबकि 29 जून को शिर्डी लोकसभा क्षेत्र का दौरा किया जाएगा।
इस बीच, यवतमाल-वाशिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय देशमुख के शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चाओं ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के वाशिम दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस दौरे के दौरान उद्धव ठाकरे पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दे सकते हैं और सांसद संजय देशमुख के संभावित दल-बदल पर भी अपनी भूमिका स्पष्ट कर सकते हैं।
बागी सांसद ओमराजे निम्बालकर का बड़ा बयान
वहीं, शिवसेना UBT के बागी सांसद ओमराजे निम्बालकर का बड़ा बयान कहा..आज धाराशिव में मेरी जनता और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग है। उस बैठक के बाद में निर्णय लूंगा। मीडिया के लोग संयम रखें, यहां पुणे में मेरा भाई रहता है, भाड़े पर...मैं उससे मिलने आया था। मैने जैसा कल कहा था, आज मैं पुणे से धाराशिव जा रहा हूं...मैंने कार्यकर्ताओं को 4 बजे का समय दिया है। वहां सभी को बुलाया है, अपने कार्यकर्ताओं से चर्चा होने के बाद मेरी औपचारिक भूमिका क्या है, आप सभी को बता दूंगा।
मेरे राजनीति में आने का कारण ही मेरे पिता की हत्या
मैं इतना ही कहूंगा कलयुग है, जो मेरे पिता के साथ 2006 में हुआ। उनकी हत्या हुई, हमें बहुत दुख हुआ। कल के फैसले के बाद भी वही दुःख है। माननीय कोर्ट ने कहा है कि हत्या का मोटिव राजनीतिक द्वेष था..लेकिन फिर मारा किसने..कोर्ट ने सब मान्य किया। कोर्ट के फैसले को स्वीकार करते हुए हम ऊपरी अदालत में जाएंगे। मेरे राजनीति में आने का कारण ही मेरे पिता की हत्या थी। मेरी उद्धव जी, आदित्य ठाकरे या बालासाहेब के घर से कोई नाराजगी नहीं है। मैंने कोई बयान भी उनके खिलाफ नहीं दिया। लेकिन जो लोग मुझे गद्दार और निष्ठा पर सवाल उठा रहे, मुझे उसका दुख है।
मैं जिस धाराशिव से सांसद हूं, वहां पर कोई भी नगर पंचायत,नगर पालिका, ग्राम पंचायत में एक भी यूबीटी का उम्मीदवार नही जीता क्यों? लोग क्यों साथ नही दे रहे..यह समझना होगा। लोकसभा अध्य्क्ष ओम बिरला जी से दोनों पक्ष के लोग मिल रहे है। मैं अपने कार्यकर्ताओं से मिलूंगा फिर फैसला आज देर शाम या कल सुबह लूंगा। आपको पता चल जाएगा।
