Twisha Sharma Case: मध्य प्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत केस में उनकी सास और रिटायर जज गिरिबाला ने टाइम्स नाउ नवभारत से बात करते हुए कहा कि पुलिस की ओर से उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है। SIT से कोई समन नहीं मिला है। पुलिस ने कल पहली बार उन्हें बुलाया है। गिरिबाला ने बड़े अधिकारियों के फोन कॉल पर कहा कि उन्होंने सांत्वाना देने के लिए कॉल किया था।
सीबीआई जांच पर क्या कहा?
गिरिबाला से जब पूछा गया कि उनका वकील सीबीआई जांच की बात कह रहा है तो उन्होंने कहा कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें दिख रहा है कि मध्य प्रदेश की पुलिस उनके दवाब में है। सवाल ये है कि क्या यहां की पुलिस निष्पक्ष जांच के लिए सक्षम नहीं है।
बड़ें अधिकारियों से क्यों की थी बात?
गिरिबाला सिंह के कॉल रिकॉर्ड में कई बड़े अधिकारियों का नंबर मिला है, जिसमें न्यायिक अधिकारी भी शामिल हैं। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनसे बाद सांत्वाना के तौर पर हुई थी और कुछ नहीं था।
12 मई को हुई थी ट्विशा शर्मा की मौत
मॉडल एवं अभिनेत्री ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। ट्विशा (33) के परिवार ने उनके ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित कर मौत के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। वहीं, सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा नशीले पदार्थों की आदी थीं। पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी में मदद करने वाले के लिए नकद इनाम की घोषणा की है। साथ ही पुलिस ने उसका पासपोर्ट निरस्त कराने के लिए अदालत का रुख किया है। अपने आवेदन में, फरार आरोपी ने दावा किया कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत व्हाट्सएप चैट संपादित और अधूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि व्हाट्सएप चैट के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। समर्थ ने ट्विशा को भेजे गए पैसों के संबंध में स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए और दावा किया कि उनकी ओर से दहेज उत्पीड़न के आरोप बहुत निराशाजनक हैं।
