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ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: सास गिरिबाला सिंह के घर CCTV क्यों चल रहा था 2 दिन 2 घंटे 20 मिनट पीछे?

Twisha Sharma: गिरिबाला सिंह के घर पर CCTV इंस्टॉल करने का काम विनोद वाणी की कंपनी ने किया था। रोहित विश्वकर्मा उसी कंपनी में कर्मचारी है और घटना के बाद वही घर पहुंचा था।

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ट्विशा शर्मा दहेज हत्या मामला: सास गिरिबाला सिंह के घर CCTV क्यों चल रहा था 2 दिन 2 घंटे 20 मिनिट पीछे?

Twisha Sharma Dowry Death Case: नोएडा की ट्विशा शर्मा जिन्होंने भोपाल में शादी की थी, वह ससुराल में मृत पाई गईं। उनकी सांस व पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और ट्विशा के पति समर्थ सिंह पर केस हुआ। इस बीच CCTV फुटेज को लेकर नया विवाद सामने आया है। ट्विशा के परिवार और उनके वकील लगातार आरोप लगा रहे हैं कि CCTV फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई है और इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए। इसी बीच CCTV सिस्टम इंस्टॉल करने वाली कंपनी के कर्मचारियों के बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

जानकारी के मुताबिक, गिरिबाला सिंह के घर पर CCTV इंस्टॉल करने का काम विनोद वाणी की कंपनी ने किया था। रोहित विश्वकर्मा उसी कंपनी में कर्मचारी है और घटना के बाद वही घर पहुंचा था। गिरिबाला ने घटना के बाद विनोद और रोहित को कॉल किया था। रोहित ने ही DVR निकालकर पुलिस को सौंपा और CCTV फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराए।

बताया जा रहा है कि घटना के बाद गिरिबाला सिंह की बातचीत विनोद वाणी और रोहित दोनों से हुई थी। इन दोनों के नंबरों का जिक्र जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड्स में भी बताया जा रहा है।

क्यों लेट चल रहा था CCTV?

रोहित विश्वकर्मा का कहना है कि CCTV फुटेज रियल टाइम से करीब '2 दिन 2 घंटे 20 मिनट' पीछे चल रही थी। उसके मुताबिक ऐसा तब होता है जब लंबे समय तक सिस्टम का सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं किया जाता। कंपनी कर्मचारियों का दावा है कि करीब दो साल से सिस्टम अपडेट नहीं हुआ था, जिसकी वजह से टाइमिंग में यह अंतर आया।

रोहित ने यह भी कहा कि घटना वाले दिन से पहले कंपनी को सिस्टम में किसी खराबी या टाइमिंग गड़बड़ी को लेकर कोई शिकायत या कॉल नहीं मिला था।

हालांकि ट्विशा के परिवार का कहना है कि सिर्फ तकनीकी खराबी बताकर मामले को खत्म नहीं किया जा सकता और CCTV फुटेज की फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फुटेज में टाइमिंग का अंतर सिर्फ तकनीकी वजह से था या फिर इसके पीछे कोई और कारण है।

CCTV का रोल क्या अहम?

सेवानिवृत्त जिला और सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने भोपाल न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर मृतका के परिजनों के मोबाइल जब्त कर उसकी फोरेंसिक जांच कराए जाने की मांग की है। सिंह ने इसके साथ ही अदालत से यह आग्रह भी किया कि त्विषा की आत्महत्या से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक सीसीटीवी फुटेज की भी तकनीकी जांच कराई जाए ताकि शव को अस्पताल पहुंचाए जाने के समय को लेकर पैदा किए जा रहे विवाद पर सत्यता सामने आए।

आवेदन में उन्होंने कहा है कि जो वीडियो फुटेज जब्त हुआ है, उस सीसीटीवी कैमरे की सर्विसिंग नहीं होने की वजह से उसकी 'टाइमिंग' दो से तीन घंटे विलम्ब दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव को पहुंचाए जाने के समय को लेकर भ्रम पैदा हुआ। गिरिबाला सिंह ने अपने आवेदन में कहा कि मृतका के परिजनों की ओर से सोशल मीडिया पर इस संबंध में अभियान चलाया गया है जो गलत है और फर्जी है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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