Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद कुछ जगहों पर हिंसा की खबरें आई हैं। इसे लेकर पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है और आरोपियों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इस बीच ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भबानीपुर में करारी मात देने वाले बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी आज कोलकाता में चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के दफ्तर पहुंचे। सुवेंदु ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर लोगों को संबोधित किया। कोलकाता में सुवेंदु अधिकारी ने कहा, मैं सभी से शांत रहने का आग्रह करता हूं, टीएमसी के सभी गुंडों से कानून के माध्यम से निपटा जाएगा।
सुवेंदु ने कहा, क्या घटना हुई है, बताओ, फिर कहता हूं शांति बनाए रखिए। इनके अपवित्र पार्टी ऑफिस थे, जहां जुआ होता था, शराब पी जाती थी। वहां देखने की भी जरूरत नहीं है। कानून अपने हाथ में लेने की जरूरत नहीं है। भारतीय न्याय संहिता के मुताबिक चोर, खूनी, डकैत सबको पकड़ा जाएगा।
पुलिस का एक्शन
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद कोलकाता सहित की जगहों पर हिंसा की खबरें आई हैं। इसे लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख दिखाया है जिसके बाद पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। प. बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पुलिस ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की है। डीजीपी गुप्ता ने कहा कि हमने अब तक 200 से अधिक FIR दर्ज की हैं। इन FIR की जांच के दौरान 433 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, हमने प्रिवेंटिव (एहतियाती) धाराओं के तहत 1100 से अधिक लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों में 207 सीटों पर जीत दर्ज की। इसी के साथ पार्टी ने 200 सीट से अधिक सीट हासिल करने का अपना वह लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो उसने पांच साल पहले राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान तय किया था। पश्चिम बंगाल विधानसभा में सीटों की कुल संख्या 294 है। हालांकि, सोमवार को मतगणना केवल 293 सीट के लिए की गई, क्योंकि निर्वाचन आयोग ने चुनावी अनियमितताओं के आरोपों के चलते एक सीट पर मतदान रद्द कर दिया था।
वहीं, उत्तर 24 परगना जिले की राजारहाट न्यूटाउन सीट पर मतगणना पूरी हो चुकी है, लेकिन इसका परिणाम घोषित किया जाना अभी बाकी है। भाजपा के मुख्य चुनाव रणनीतिकार माने जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की प्रदेश इकाई के लिए 200 से अधिक सीट जीतने का लक्ष्य रखा था। हालांकि, पार्टी को केवल 77 सीट पर ही जीत हासिल हुई।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इस बार भाजपा उम्मीदवार 206 सीट पर विजयी रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीट से संतोष करना पड़ा है। आयोग के अनुसार, कांग्रेस और हुमायुं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) को दो-दो सीट पर जीत हासिल हुई है। वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) के खाते में एक-एक सीट गई है।
