Violence in West Bengal: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद कोलकाता सहित की जगहों पर हिंसा की खबरें आई हैं। इसे लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख दिखाया है जिसके बाद पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। प. बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि पुलिस ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की है। डीजीपी गुप्ता ने कहा कि हमने अब तक 200 से अधिक FIR दर्ज की हैं। इन FIR की जांच के दौरान 433 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, हमने प्रिवेंटिव (एहतियाती) धाराओं के तहत 1100 से अधिक लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
आज सुबह से अब तक किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी या मारपीट की कोई घटना सामने नहीं आई है। पहले जो घटनाएं हुई थीं, वे कल दिन में और उससे पहले के दिन दोपहर और रात में हुई थीं, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। जिन जिलों में मुख्य रूप से हिंसा की घटनाएं हुईं, उनमें आसनसोल, कूचबिहार, पूर्व बर्धमान और बारुईपुर शामिल हैं।
नजात इलाके की घटना
कल स्थानीय पुलिस स्टेशन के अधिकारी को सूचना मिली कि एक समूह इकट्ठा हो रहा है और वह दूसरे समुदाय के एक समूह पर हमला करने वाला है। इस सूचना के बाद ओसी नजात पुलिस बल और CAPF के साथ मौके पर पहुंचे। जैसे ही वे वहां पहुंचे और वाहन से उतरने वाले थे, उन पर फायरआर्म (बंदूक) से गोली चलाई गई। इस हमले में 5 लोग घायल हुए, जिनमें दो पुलिसकर्मी, दो CAPF के जवान और एक महिला कांस्टेबल शामिल हैं। सभी की हालत अब स्थिर है। कल रात तक हमने छापेमारी कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया था और आज दिन में भी कुछ और गिरफ्तारियां हुई हैं। छापेमारी अभी भी जारी है।
कितनी मौतें?
अब तक दो मौतों की पुष्टि हुई है—एक नानूर में और एक न्यू टाउन में। दोनों मामलों में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है। हर जगह पर्याप्त केंद्रीय बल (CAPF) तैनात हैं। पोस्ट-पोल स्थिति को संभालने के लिए CAPF की कंपनियां मौजूद हैं। इसके अलावा, EVM की सुरक्षा के लिए 200 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं। कुछ अतिरिक्त कंपनियां भी हैं जो वापस जाने से पहले 2-3 दिन तक यहां रहेंगी। इस समय हमारे पास पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद हैं।
