एसआईआर को लेकर विवादों से घिरे सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर सियासत तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने के बाद अब शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे भी सीईसी के विरोध में उतर आए हैं। आदित्य ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटते हैं तो 2 अक्टूबर से मुंबई में बड़ी संख्या में लोग ‘वोट चोरी’ के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे।
आदित्य ठाकरे ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर सीईसी के खिलाफ हल्ला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार पद नहीं छोड़ते हैं,तो पूरी मुंबई दो अक्टूबर से ‘वोट चोरी’ के खिलाफ बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरेगी। उनका यह बयान CJP के सह-संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर से किए गए आंदोलन के ऐलान के एक दिन बाद आया है।
2 अक्टूबर से मुंबई से शुरू होगा आंदोलन
इससे पहले, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को कहा था कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनका संगठन 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से मुंबई में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा। साथ ही उन्होंने आंदोलन को देश के दूसरे शहरों तक ले जाने की बात भी कही थी। इतना ही नहीं सीजेपी ने ‘जंतर-मंतर 2.0’ समेत देशव्यापी आंदोलन की भी चेतावनी दी है।सीजेपी ने अपने ‘Election Commission Thik Karo’ अभियान के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन का दावा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं। यह आंकड़ा एक रिपोर्ट में भी दर्ज किया गया है, हालांकि मतदाता सूची में नामों के हटने की प्रक्रिया और उसके कारणों को लेकर निर्वाचन आयोग की अपनी व्याख्या है।
