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Times Network Health Awards: टाइम्स नेटवर्क ने पेश किया Health and Me प्लेटफॉर्म, COO रोहित चड्ढा बोले- मजबूत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना भविष्य की जरूरत

Times Network Health Awards: टाइम्स नेटवर्क ने शनिवार को 'टाइम्स नेटवर्क हेल्थ अवॉर्ड्स' का आयोजन किया। इसमें टाइम्स नेटवर्क डिजिटल के प्रेसिडेंट और सीओओ रोहित चड्ढा ने यहां मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कोरोना महामारी के बाद देश के हेल्थ केयर सिस्टम और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकार डाला...

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टाइम्स नेटवर्क हेल्थ अवॉर्ड को संबोधित करते टाइम्स नेटवर्क के सीओओ रोहित चड्ढा।

Photo : Times Now Digital

Times Network Health Awards: टाइम्स नेटवर्क ने शनिवार को 'टाइम्स नेटवर्क हेल्थ अवॉर्ड्स' का आयोजन किया। इसमें टाइम्स नेटवर्क डिजिटल के प्रेसिडेंट और सीओओ रोहित चड्ढा ने यहां मौजूद लोगों को संबोधित किया। यहां पढ़ें उनका पूरा संबोधन...

गुड इवनिंग, लेडीज एंड जेंटलमेन,

टाइम्स नेटवर्क हेल्थ अवार्ड्स में आपका स्वागत है...

देश के टॉप डॉक्टरों और इस पेशे से जुड़े पेशेवरों की मेजबानी हमारे लिए सम्मान की बात है। आज हम न केवल स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता के शिखर का जश्न मना रहे हैं, बल्कि टाइम्स नेटवर्क की अपनी यात्रा में एक रोमांचक नए अध्याय को जोड़ने के लिए भी एक साथ आए हैं।

दोस्तों, पिछले कुछ वर्षों में, COVID-19 महामारी के कारण एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के महत्व को समझा गया है। इसने स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे में खामियों को उजागर किया है, साथ ही व्यवस्था के लचीलेपन और तत्काल तैयारियों की जरूरत पर प्रकाश डाला है। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना सिर्फ बीमारियों का इलाज भर नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना भी है, जो भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपट सके।

एक मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का आधार प्रारंभिक पहचान यानी डायग्नोसिस, बेहतर प्रतिक्रिया और आर्थिक स्थिरता है। स्वस्थ जनसंख्या देश में प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने के साथ हीआर्थिक विकास को भी बढ़ावा देती है।

इस प्रकार, स्वास्थ्य सेवा में निवेश करना एक ऐसा रणनीतिक कदम है जो किसी व्यक्तिगत और व्यापक उद्योग दोनों को एक समान रूप से जोड़ते हैं। हेल्थ केयर टेक्नोलॉजी में सरकरी और प्राइवेट सेक्टर निवेश को प्राथमिकता देना, एक्सेसब्लिटी में सुधार करना, वर्तमान और भविष्य दोनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अनिवार्य है।

टाइम्स नेटवर्क में हम इस महत्वपूर्ण प्रयास में अपनी भूमिका को पहचानते हैं।

भारत के कुछ प्रमुख डिजिटल ब्रांड्स जैसे- टाइम्स नाउ, ईटी नाउ, टाइम्स नाउ नवभारत, जूम, डिजिट, टाइम्स ड्राइव, स्पोर्ट्स नाउ हमारे बैनेर तले आते हैं। हर महीने हम अलग-अलग माध्यमों जैसे वेबसाइट, ऐप, सोशल मीडिया और यूट्यूब पर अपने करोड़ों दर्शकों से जुड़ते हैं, लेकिन आज की रात हमारे लिए विशेष महत्व रखती है।

आज हम अपनी नवीनतम पहल, 'Health and Me'को पेश करते हुए रोमांचित हैं, जो एक समर्पित स्वास्थ्य सूचना और समाचार प्लेटफार्म है, जिसे हमारे एडिटोरियल, प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और डिजाइन टीम ने तैयार किया है। 'Health and Me' को आपके डेली स्वास्थ्य साथी के रूप में तैयार किया गया है और यह एक विश्वसनीय, अपडेटेड हेल्ड इनफॉर्मेशन की जानकारी चाहने वाले प्रत्येक भारतीय के लिए एक उचित प्लेटफॉर्म है।

हम प्रसिद्ध एक्टर और फिटनेस आइकन श्री मिलिंद सोमन को अपने साथ पाकर भी खुश हैं, जिनकी उपस्थिति हमारी शाम को और भी रोमांचित बनाती है।

भविष्य की ओर देखें तो, टेक्नोलॉजी हेल्थकेयर में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है। एआई, रोबोटिक्स और बिग डेटा एनालिटिक्स जैसे इनोवेशन मरीजों की देख-रेख और उसके निष्कर्षों को और भी बेहतर बनाते हैं।

WHO के अनुसार, भारत को 2030 तक प्रति 10,000 लोगों पर 44.5 हेल्थ वर्कस के मानक को हासिल करने के लिए 18 लाख फिजिशियन और नर्सों की आवश्यकता होगी। सटीक चिकित्सा और जीनोमिक डेटा का लाभ उठाकर बेहतर उपचार योजनाएं बनाने और इस कमी को दूर करने में एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

वीयरेबल डिवाइसेस और हेल्थ मॉनीटरिंग एप हेल्थ प्रोडक्टविटी को इम्पॉवर करेंगी और महत्वपूर्ण संकेतों और दीर्घकालिक स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में रियल टाइम जानकारी प्रदान करेंगी। इसके अलावा, जीनोमिक्स और बॉयोटेक्नोलॉजी में प्रगति से व्यक्तिगत आनुवंशिक प्रोफाइल के अनुरूप अधिक सटीक और प्रभावी उपचार संभव हो सकेगा। इन टेक्नोलॉजी के एकीकरण से न केवल दक्षता यानी एफिसिएंसी और पहुंच यानी एक्सेसब्लिटी में सुधार होगा, बल्कि हेल्थ मैनेजमेंट के लिए अधिक संवेदनशील और निवारक दृष्टिकोण का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

आज हम, "टेक्नोलॉजी के बेहतर उपयोग के साथ स्वास्थ्य सेवा को टिकाऊ बनाना" और "बेहतर पहुंच व सामर्थ्य के लिए टेक्नोलॉजी को अपनाना" पर चर्चा में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं।

इस महत्वपूर्ण क्षण में हमारे साथ शामिल होने के लिए आपका धन्यवाद। आइए हम स्वास्थ्य सेवा में उपलब्धियों का जश्न मनाएं और एक ऐसे भविष्य की आशा करें, जहां स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी सभी की बेहतरी के लिए एक साथ विकसित होते रहें।

इंजॉय द इवनिंग।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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