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अहमदाबाद में महंगाई की मार: चावल, तेल से लेकर सब्जियों तक बढ़े दाम, घटा घरेलू बजट

अहमदाबाद में चावल, खाद्य तेल, दाल और सब्जियों के बढ़ते दामों से आम परिवारों का बजट प्रभावित हुआ है। चावल की कीमतों में ₹30-40 प्रति किलो तक बढ़ोतरी बताई जा रही है। इसी तरह खाद्य तेल और दालों के भाव में भी तेजी है। इसी तरह टमाटर और प्याज जैसी सब्जियों की कीमतें लगातार बदल रही हैं।

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अहमदाबाद में लोगों पर महंगाई की मार।

अहमदाबाद में रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। किराना बाजार से लेकर सब्जी मंडी तक, चावल, खाद्य तेल, चीनी और कुछ दालों के साथ कई सब्जियों के भाव में तेजी देखी जा रही है। दुकानदारों के मुताबिक थोक बाजार में लगातार बदलते भाव का असर सीधे रिटेल ग्राहकों पर पड़ रहा है।

चावल के दाम में ₹30-40 तक का अंतर

किराना कारोबारियों के मुताबिक, एक साल पहले अच्छी मीडियम रेंज का चावल करीब ₹70-80 प्रति किलो बिक रहा था, जो अब बढ़कर ₹120-130 प्रति किलो तक पहुंच गया है। यानी कुछ किस्मों में करीब ₹30-40 प्रति किलो तक का अंतर आया है। बासमती चावल के दाम उसकी क्वालिटी और ग्रेन के हिसाब से अलग-अलग हैं। दुकानदारों का कहना है कि मध्यम वर्ग के नियमित ग्राहक बढ़े हुए दाम को लेकर लगातार सवाल कर रहे हैं।

दालों में मामूली तेजी, उड़द में उतार-चढ़ाव

दुकानदार के मुताबिक ज्यादातर दालों में फिलहाल करीब ₹4-5 प्रति किलो तक का अंतर देखने को मिल रहा है। उड़द दाल के भाव में बाजार के हिसाब से लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जबकि अन्य दालों में ₹1-2 का नियमित बदलाव बताया गया है।

खाद्य तेल के भाव लगातार बदल रहे

कालूपुर के एक तेल व्यापारी के मुताबिक करीब एक साल पहले खाद्य तेल का भाव ₹2,600-2,700 के आसपास था। उनके अनुसार पिछले 15 दिनों में करीब ₹150 की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में अलग-अलग ब्रांड के 15 किलो के पैक के भाव लगभग ₹2,650 से ₹2,940 के बीच बताए गए हैं। व्यापारी के मुताबिक आयात होने वाले पामोलिन, सोयाबीन और सनफ्लावर ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर बाजार पर पड़ा है। सोयाबीन की आयात में कमी का भी उन्होंने हवाला दिया।

सब्जियों के भाव में भी तेजी

सब्जी मंडी में भी कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एक सब्जी विक्रेता के मुताबिक टमाटर का भाव रविवार को ₹20 किलो था, सोमवार को ₹30 और मंगलवार को ₹40 किलो हो गया। प्याज का भाव भी ₹30-40 से बढ़कर करीब ₹50-70 किलो तक पहुंचने की बात विक्रेता ने कही। हालांकि आलू का भाव करीब ₹20-25 किलो के आसपास स्थिर बताया गया। विक्रेताओं का कहना है कि मंडी में आवक कम होने पर कीमत बढ़ जाती है और ज्यादा माल आने पर भाव नीचे आ जाता है। लगातार बदलते भाव के कारण ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों को भी परेशानी हो रही है।

महंगाई से परिवारों की खरीदारी पर असर

सब्जी खरीदने पहुंची महिलाओं ने बताया कि कई रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के दाम बढ़ने से उन्हें बजट में कटौती करनी पड़ रही है। कुछ परिवार महंगी सब्जियों की जगह अपेक्षाकृत सस्ती सब्जियां और दाल खरीदने पर निर्भर हो रहे हैं। एक महिला ने बताया कि बच्चों के लिए पहले रोजाना ड्राई फ्रूट्स देने की कोशिश होती थी, लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण मात्रा कम करनी पड़ रही है। कुछ परिवारों ने यह भी बताया कि पहले वे कई महीनों का राशन एक साथ खरीद लेते थे, लेकिन अब आय के हिसाब से दो-तीन महीने का ही राशन खरीद पा रहे हैं।

बाजार में बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ दुकानदारों और ग्राहकों की जेब पर नहीं, बल्कि उनके खरीदारी के पैटर्न पर भी दिखाई दे रहा है। चावल, तेल और सब्जियों के बदलते भाव के बीच मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा दबाव महसूस कर रहा है।

Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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