स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ गायन को लेकर राजनीति गरमा चुकी है। एक तरफ जहां बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् का अपमान किया है। वहीं, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की तरफ से बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय को कानूनी नोटिस भेजा है। हालांकि, यह नोटिस 15 अगस्त को वकील अंबुज दीक्षित और अमरीश रंजन पांडे ने भेजा। मामला 13 अगस्त को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुए रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़ा है, जहां राष्ट्रगान को लेकर एक तकनीकी गड़बड़ी हुई थी।
बीजेपी का क्या है आरोप?
बीजेपी ने एक वीडियो क्लीप शेयर करते हुए लिखा, "देखिए, राहुल गांधी ने एक बार फिर राष्ट्रगान का अपमान किया है। राष्ट्रगान, जिस पर हर भारतीय को गर्व है, जो राष्ट्र के गौरव, प्रतिष्ठा और महिमा का प्रतीक है, उसका सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। लेकिन राहुल गांधी ने इसका अपमान किया है, और एक बार फिर अपना राष्ट्रविरोधी रवैया उजागर किया है।"
नोटिस में क्या-क्या कहा गया?
नोटिस के अनुसार, कार्यक्रम में राष्ट्रगान सामान्य तरीके से बजाया गया। मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित, राहुल गांधी और बाकी लोग यह मानकर आगे बढ़ गए कि राष्ट्रगान खत्म हो चुका है और वे लोगों से मिलने जुलने लगे थे। इसी दौरान ऑडियो सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से राष्ट्रगान गलती से दोबारा बजने लगा। हालांकि, ऑपरेटर ने तुरंत बंद कर दिया।
नोटिस में वीडियो का पूरा टाइमलाइन भी दिया गया है, जिसके अनुसार 59:55 मिनट पर संदीप दीक्षित लोगों से नारेबाजी न करने की अपील करते हैं, 1:00:01 पर राष्ट्रगान शुरू होता है, 1:01:01 पर खत्म होता है और 1:01:02 पर गलती से दोबारा शुरू होकर 1:01:08 पर रोक दिया जाता है।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि बीजेपी के आधिकारिक एक्स हैंडल @BJP4India से घटना को गलत और भ्रामक तरीके से पेश किया गया। पोस्ट में दावा किया गया था कि राहुल गांधी ने एक बार फिर राष्ट्रगान का अपमान किया है और उनका रवैया देश विरोधी है। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह महज एक तकनीकी चूक थी, जिसे जानबूझकर राष्ट्रगान के अपमान के तौर पर पेश किया गया। पार्टी ने इसे तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए बीजेपी से विवादित पोस्ट तत्काल हटाने की मांग की है।
नोटिस में बीजेपी से उसी एक्स हैंडल के जरिए बिना शर्त माफी मांगने और पूरे मामले पर स्पष्टीकरण जारी करने को कहा गया है। साथ ही भविष्य में राहुल गांधी के खिलाफ इस तरह के आरोप दोबारा नहीं लगाने की मांग की गई है। घटना से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने के लिए भी कहा गया है। कांग्रेस ने बीजेपी को जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयसीमा में जवाब नहीं मिलने पर राहुल गांधी की ओर से मानहानि का मुकदमा दायर किया जा सकता है।
