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'हमें चाहिए जनसंख्या नियंत्रण बिल', चीन का जिक्र कर बोले गिरिराज- जो न माने कानून, उसे न मिलें सरकारी लाभ, वोट का अधिकार भी छिने

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 27, 2022, 05:43 PM IST

Population Control Bill Row: एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को लेकर हुए सवाल पर उन्होंने दो टूक कहा- पता नहीं, बैरिस्टर साहब के डीएनए में जिन्ना का डीएनए बैठ गया है। वह नफरत के सिवाय कुछ और नहीं फैलाते हैं। वह गजवा-ए-हिंद के समर्थक हैं और आज देश को भारत माता का सपूत चाहिए।

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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह। (फाइल)

Photo : IANS

Population Control Bill Row: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने जोर देते हुए कहा है कि देश में जनसंख्या नियंत्रण बिल लागू करने की जरूरत है। रविवार (27 नवंबर, 2022) को पत्रकारों से बातचीत के दौरान वह बोले कि यह कानून सबके लिए लागू किया जाना चाहिए और जो इसका पालन न करे, उसे कोई सरकारी लाभ न मिले। साथ ही उनका वोट का अधिकार भी छिन जाए।

उनके मुताबिक, "जनसंख्या नियंत्रण बिल महत्वपूर्ण है। हमारे पास सीमित संसाधन हैं। चीन ने एक बच्चे वाली नीति लागू कर रखी है। उसने आबादी को काबू कर रखा है और विकास हासिल किया है। चीन में हर एक मिनट में 10 बच्चे पैदा होते हैं, जबकि भारत में 30 बच्चे एक मिनट में जन्म लेते हैं। बताइए, हम आखिर कैसे चीन से बराबरी करेंगे?"

वह आगे बोले- जनसंख्या नियंत्र बिल जरूरी है। रिपोर्ट्स कहती है कि चीन जिसकी जीडीपी 1978 में कम थी, उसने एक बच्चा पैदा करने वाली नीति लागू की और लगभग 60 करोड़ की आबादी को काबू कर विकास किया।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस बिल को उनकी आस्था और धर्म की परवाह किए बिना सभी के लिए लागू किया जाना चाहिए। बकौल गिरिराज, "जो इस कानून का पालन न करें, उन्हें किसी भी प्रकार का सरकारी लाभ न दिया जाए। वोटिंग का अधिकार भी छीन लिया जाए।"

मीडिया स वह बोले- यह देश के लिए जरूरी है। पूरी दुनिया की आबादी का हम 18 से 20 फीसदी व्यावहारिक तौर पर हो गए हैं। हमारे पास 2.5 प्रतिशत और पानी चार प्रतिशत है। वर्ष 1978 में हमारी जीडीपी चीन से अधिक थी। लेकिन उसने 1979 में वन चाइल्ड पॉलिसी लागू की। इस पर कई पत्रकारों का कहना है कि उसने ऐसा कर 60 करोड़ आबादी को रोकने का काम किया। आज वह आर्थिक ऊंचाई पर जा रहा है। हमें भी ऊपर जाने के लिए साधन सीमित है। चौतरफा विकास के लिए यह कानून लाना जरूरी है।

उनके अनुसार, इस कानून को राजनीति और धर्म के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। इसे देश के चश्मे से देखें। यह सभी पर समान रूप से लागू हो और इतना कड़ा हो कि जो न माने उसे भी इसे मानना पड़े।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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