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'अहंकार से ही होता है पतन'; बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान पर दिल्ली में फिर बिफरे पीएम मोदी; ममता बनर्जी को दी कड़ी नसीहत

राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा हवाईअड्डे के पास आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में कम लोगों की उपस्थिति पर निराशा जताई थी और बिधाननगर की जगह इस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने के फैसले को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि उनके दौरे में वीआईपी प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री उपस्थित नहीं हुए थे।

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पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे में प्रोटोकॉल उल्लंघन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आज राजधानी दिल्ली में पीएम मोदी ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। दिल्ली मेट्रो के विस्तार को लेकर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल समुदाय के एक बड़े उत्सव में शामिल होने के लिए बंगाल गई थीं, लेकिन राष्ट्रपति का सम्मान करने के बजाय, टीएमसी ने इस पवित्र और महत्वपूर्ण आयोजन का बहिष्कार किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वह स्वयं आदिवासी समुदाय से आती हैं और आदिवासी समुदाय के विकास के लिए हमेशा चिंतित रही हैं। टीएमसी सरकार ने उस आयोजन को कुप्रबंधन के भरोसे छोड़ दिया। यह न केवल राष्ट्रपति का अपमान है, बल्कि भारत के संविधान का भी अपमान है। यह संविधान की भावना का अपमान है। यह लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है। हमारे देश में कहा जाता है कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः अहंकार से ही उसका पतन होता है।

आगे उन्होंने वहां मौजूद लोगों से अपील करते हुए कहा कि आज मैं देश की राजधानी से आप सभी से अपील करता हूं कि टीएमसी की गंदी राजनीति और सत्ता का अहंकार, जिसने एक आदिवासी राष्ट्रपति की गरिमा का अपमान किया है, जल्द ही चकनाचूर हो जाएगा। पश्चिम बंगाल की प्रबुद्ध जनता टीएमसी को एक महिला, एक आदिवासी, देश की राष्ट्रपति का अपमान करने के लिए कभी माफ नहीं करेगी। देश भी उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। देश का आदिवासी समुदाय भी उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। देश की महिलाएं भी उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।

क्या था मामला

बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू को आदिवासी समुदाय के वार्षिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था,जो मूल रूप से बिधाननगर में आयोजित होने वाला था। बाद में,सुरक्षा और व्यवस्था संबंधी अन्य कारणों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने बिधाननगर की जगह बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशैपुर में कार्यक्रम आयोजित किया।राष्ट्रपति शनिवार दोपहर जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं,तो वहां केवल कुछ ही लोग उपस्थित थे। सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के लिए मौजूद थे।

बंगाल सरकार से जवाब तलब

इस विवाद के बीच केंद्र सरकार ने ममता सरकार से जवाब तलब किया है। सूत्रों ने इस बारे में जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने बंगाल सरकार से रविवार शाम पांच बजे तक प्रोटोकॉल,स्थल और मार्ग व्यवस्था से संबंधित उल्लंघनों पर जवाब देने को कहा है।

'ब्लू बुक'के नियमों का उल्लंघन क्यों?

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर 'ब्लू बुक'के नियमों के उल्लंघन, प्रोटोकॉल, स्थल और मार्ग व्यवस्था के बारे में जवाब देने के लिए कहा है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में राष्ट्रपति के राज्य में आगमन के समय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अनुपस्थिति पर प्रतिक्रिया मांगी गई है। साथ ही कड़े शब्दों में कहा गया है कि यह 'ब्लू बुक' के नियमों का गंभीर उल्लंघन है। बता दें कि 'ब्लू बुक' एक गोपनीय दस्तावेज है जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं उनके परिवारों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के नियमों की सूची होती है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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