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मैच्योरिटी के बाद भूल गए हैं FD? पैसा डूबेगा नहीं, लेकिन ब्याज को लेकर जान लें ये जरूरी बात

क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आप अपनी ही एफडी को भूल जाए यानी एफडी की मैच्योरिटी डेट मिस कर दें तो क्या होगा? क्या आगे की अवधि में भी एफडी पर समान दर से ब्याज मिलता रहेगा?

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एफडी की मैच्योरिटी भूल गए तो क्या होगा (Photo: iStock)

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर पसंद करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आप अपनी ही एफडी को ही भूल जाएं तो क्या होगा? बहुत से लोगों के साथ ऐसा होता है कि FD की अवधि पूरी होने के बाद भी वे यह चेक नहीं करते कि पैसा कहां गया और उस पर कितना ब्याज मिल रहा है। अगर आप भी यही सोच रहे हैं कि मैच्योरिटी के बाद FD की रकम बैंक में पड़ी रह जाती है, तो उस पर पहले वाली FD की ब्याज दर मिलती है तो ऐसा नहीं है। इसके लिए आपको एफडी की मैच्योरिटी और ब्याज के नियमों को ठीक से समझना होगा-

मैच्योरिटी के बाद FD पर कितना ब्याज मिलता है?

सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि FD खुलवाते समय आपने मैच्योरिटी के लिए क्या निर्देश दिया था। बैंक की शर्तों के अनुसार मैच्योरिटी की रकम आपके लिंक्ड सेविंग्स अकाउंट में जमा हो सकती है या आपकी ओर से दिए गए निर्देश के मुताबिक FD को दोबारा रिन्यू किया जा सकता है।

अगर FD मैच्योर हो चुकी है और उसकी रकम बैंक के पास अनपेड पड़ी है तो RBI के मौजूदा नियमों के अनुसार मैच्योर टर्म डिपॉजिट पर ओवरड्यू अवधि के लिए सेविंग्स अकाउंट पर लागू ब्याज दर या मैच्योर FD पर लागू कॉन्ट्रैक्टेड रेट, दोनों में से जो कम हो, वही ब्याज दर ऑफर की जाएगी।

मान लीजिए आपने 6 लाख रुपये की FD 7.5 प्रतिशत ब्याज पर करवाई ती। मैच्योरिटी के बाद रकम बैंक में पड़ी रह गई और उस समय सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दर 2.5 प्रतिशत थी। ऐसी स्थिति में आपकी एफडी रकम पर आगे की अवधि के लिए 7.5 प्रतिशत की जगह 2.5 प्रतिशत ब्याज मिल सकता है।

ब्याज को लेकर इस बात का भी रखें ध्यान

FD मैच्योर होने के बाद अगर उसे दोबारा निवेश किया जाता है तो नई FD पर उस समय बैंक की लागू ब्याज दर मिलती है। यानी पुरानी FD पर मिली ब्याज दर अगली अवधि के लिए अपने आप लॉक नहीं रहती। दरअसल, बैंक की ओर से एफडी पर ब्याज दर को समय-समय पर अपडेट किया जाता है। ऐसे में अगर भविष्य में ब्याज दर घट जाती है तो आपकी एफडी पर भी आगे की अवधि के लिए कम ब्याज दिया जा सकता है।

सालों तक भूल गए एफडी तो क्या होगा

वहीं, अगर किसी डिपॉजिट अकाउंट की रकम 10 साल या उससे अधिक समय तक अनक्लेम्ड रहती है, तो RBI के नियमों के तहत उसे Depositor Education and Awareness Fund में ट्रांसफर किया जा सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक का पैसा खत्म हो जाता है। पात्र ग्राहक बैंक की प्रक्रिया पूरा कर अपनी एफडी रकम को हासिल कर सकता है। लेकिन समस्या तब थोड़ी बढ़ सकती है जब एफडी के पात्र ग्राहक की ही मृत्यु हो जाए। ऐसी स्थिति में नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी बैंक की लंबी प्रक्रिया पूरी कर रकम का दावा कर सकते हैं।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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