Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। इस सत्र के हंगामेदार होने का आसार हैं। सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, पेपर लीक, एथनॉल और कई अन्य विषयों पर चर्चा की मांग उठाई, जबकि सरकार ने उनसे दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की।
आठ विधेयकों को किया गया सूचीबद्ध
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सत्र के लिए आठ विधेयकों को सूचीबद्ध किया गया और यदि कोई अतिरिक्त विधायी कामकाज होगा, उस बारे में कार्य मंत्रणा समिति (BAC) में चर्चा होगी तथा राजनीतिक दलों को सूचित किया जाएगा। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कई अन्य विपक्षी दलों ने दो टूक कहा कि वह महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन वह इसकी आड़ में किए जाने वाले परिसीमन के किसी भी प्रयास का विरोध करेंगे।
सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष
विपक्ष परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। परिसीमन संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को हालांकि अभी तक विधायी एजेंडे में शामिल नहीं किया गया है।
वंदे मातरम् पर विधेयक लाएगी सरकार
सरकार मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा में वह विधेयक लाने वाली है, जिसके तहत राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का व्यवधान डालना या उसका अपमान करना आपराधिक कृत्य माना जाएगा। राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को सोमवार के लिए राज्यसभा की कार्यसूची में शामिल किया गया है और गृह मंत्री अमित शाह इसे उच्च सदन में पेश करेंगे।
यह विधेयक राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन के लिए लाया जा रहा है। इस कानून के तहत देश के राष्ट्रीय प्रतीकों (जैसे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्र गान) का अपमान या अनादर करना एक आपराधिक कृत्य है, जिसके लिए तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
मानसूत्र सत्र ऐसे समय पर हो रहा है जब कुछ विपक्षी दलों में टूट के बाद नए राजनीतिक समीकरण बने हैं। यह सत्र कई बड़े और विवादित मुद्दों के साये में शुरू होगा। इन मुद्दों में सीजेपी का चलो संसद मार्च और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर उपजा विवाद भी शामिल है।
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परिसीमन और महिला आरक्षण के मुद्दे पर टकराव की स्थिति इस सप्ताह तब बन गई, जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए पत्र लिखा। भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के रणनीतिकार महिला आरक्षण और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को लागू करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के प्रयास में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। वहीं, मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस इसके लिए एक आक्रामक रणनीति बनाने की योजना बना रही है।
