Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही बाधित न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश की जनता चाहती है कि संसद सुचारु रूप से चले और ऐसा न होना लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक है। हमने सबकी बातें ध्यान से सुनी हैं।
रिजिजू ने कहा, ''कल से मानसून सत्र शुरू हो रहा है और विपक्षी दल अलग-अलग मुद्दे उठाएंगे। हालांकि, मैं उनसे आग्रह करता हूं कि वह संसद की कार्यवाही में रुकावट न डालें। हालांकि, उन्हें अपनी राय जरूरत रखनी चाहिए, लेकिन उन्हें ऐसे कामों से बचना चाहिए जिनसे संसद की कार्यवाही बाधित हो, उसकी गरिमा को ठेस पहुंचे या उनकी अपनी राजनीतिक छवि प्रभावित हो।'' रिजिजू ने आगे कहा कि सर्वदलीय बैठक बढ़िया हुई और मैं एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं का आभार व्यक्त करता हूं।
NCPI सांसदों के मुद्दे पर क्या बोले रिजिजू?
रिजिजू ने कहा कि 20 एनसीपीआई सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को नए दल के रूप में मान्यता देने और सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है और यह मामला फिलहाल लोकसभा अध्यक्ष के विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि लोकसभा सभी सदस्यों की है और जब 20 सांसदों का मामला स्पीकर के समक्ष है, तो उन्हें सर्वदलीय बैठक से बाहर रखने का कोई सवाल ही नहीं उठता। लोकसभा सबकी है...
उन्होंने कहा कि किसी दल को मान्यता देना पूरी तरह प्रक्रियागत विषय है और मैं लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय के उठाए जाने वाले कदमों पर कोई कमेंट नहीं करूंगा। सरकार की जिम्मेदारी सभी पार्टियों से संवाद बनाए रखना और सहमति बनाने का प्रयास करना है।
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परिसीमन विधेयक पर क्या बोले रिजिजू
परिसीमन विधेयक के संबंध में रिजिजू ने कहा कि फिलहाल लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन में आठ विधेयकों की सूची घोषित की गई है। यदि सरकार भविष्य में कोई और विधेयक पेश करने का निर्णय लेती है, तो पहले बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) में इस पर चर्चा की जाएगी और विपक्षी दलों को पहले से इसकी जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्पेशल मेंशन, शून्यकाल और अन्य संसदीय कार्यवाही नियमित प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा प्रत्येक सांसद को हर सत्र में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन सरकारी काम के बारे में अगर हमारी पहले से दी गई लिस्ट में कुछ और जोड़ा जाएगा, तो मैं उसकी जानकारी दूंगा।
