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Mumbai Dahi Handi Accident: दही हांडी के जश्न में मची चीख-पुकार! ईंटों का ढांचा गिरने से 7 साल के बच्चे की मौत, 22 'गोविंदा' घायल

Mumbai Dahi Handi Accident: मुंबई के मालवणी में दही हांडी उत्सव के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 7 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। हांडी बांधने के लिए जिस ईंट के कॉलम का सहारा लिया गया था, वह अचानक ढह गया। मुंबई भर में दही हांडी उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाते समय 22 'गोविंदा' घायल हो गए।

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मुंबई में जन्माष्टमी के जश्न के बीच पसरा मातम

Photo : ANI

Mumbai Dahi Handi Accident: देश भर में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी पर पारंपरिक दही हांडी का त्यौहार बड़े ही उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। हालांकि, मुंबई से इस त्यौहार के बीच एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आई है। मालाड पश्चिम के मालवणी इलाके में दही हांडी उत्सव के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 7 साल के मासूम बच्चे की जान चली गई। वहीं, शहर के अलग-अलग इलाकों में मानव पिरामिड बनाने के दौरान 22 'गोविंदा' घायल हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार, मालवणी के चीकूवाड़ी स्थित एकता वेलफेयर सोसायटी में स्थानीय बच्चे अपने स्तर पर दही हांडी का आयोजन कर रहे थे। बच्चों ने हांडी बांधने के लिए रस्सी का एक सिरा पास के पेड़ से और दूसरा सिरा ग्राउंड फ्लोर के एक ढांचे में लगे ईंटों के कॉलम से बांध दिया था। जैसे ही हांडी फोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई, ईंटों का वह कमजोर कॉलम अचानक भरभराकर गिर पड़ा। दुर्भाग्य से 7 वर्षीय मासूम रुद्र कदम उस वक्त वहीं मौजूद था और वह सीधे ढहे हुए ईंट के कॉलम के नीचे आ गया। भारी ईंटें गिरने से बच्चे के सिर में गंभीर चोट आई।

डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों, बीएमसी वार्ड स्टाफ और पुलिस की मदद से रुद्र को तुरंत पास के मालवणी जनरल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम और शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।

21 लोगों को अस्पताल से किया गया डिस्चार्ज

दूसरी तरफ, मुंबई और उसके आसपास के उपनगरों में हवा में लटकी हांडी को तोड़ने के लिए कई मंजिला इंसानी पिरामिड बनाने की होड़ में 22 'गोविंदा' घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से 21 लोगों को इलाज के बाद अस्पतालों से डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि एक अन्य घायल का इलाज जारी है।

त्यौहार के दौरान हर साल होने वाले इन हादसों को देखते हुए बीएमसी ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए थे। सायन के लोकमान्य तिलक अस्पताल, केईएम अस्पताल और नायर अस्पताल सहित 16 उपनगरीय अस्पतालों में 100 से अधिक बेड आरक्षित रखे गए थे। पुलिस ने भी शहर भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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