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...तो क्या अब थमेगी रूस-यूक्रेन जंग? पुतिन ने 72 घंटे के लिए हमले पर लगाई रोक, सामने आई बड़ी वजह

Russia Ukraine Peace Talks: अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की शांति वार्ता के लिए कीव यात्रा से ठीक पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कीव पर 72 घंटे तक हमले रोकने का बड़ा आदेश दिया है। इस बीच, वॉशिंगटन की शांति कोशिशों के बीच रूस और यूक्रेन में ड्रोन व हवाई हमले तेज थे।

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पुतिन ने दिया कीव पर हमले रोकने का आदेश

Photo : AP

Russia Ukraine Peace Talks: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले पांच सालों से जारी भीषण युद्ध को समाप्त कराने के दिशा में शनिवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर 72 घंटे (तीन दिन) के लिए सभी तरह के सैन्य हमले रोकने का आदेश दिया है। एपी के मुताबिक क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि यह फैसला अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की शांति वार्ता के सिलसिले में कीव यात्रा की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर शनिवार को मॉस्को पहुंचे, जहां हवाई अड्डे पर रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव ने उनका स्वागत किया। अमेरिकी दूतों का यह...तो थम जाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध? पुतिन ने 72 घंटे के लिए हमले पर लगाई रोक, सामने आया बड़ा फैसला दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच हवाई युद्ध बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी अमेरिकी दूतों की यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि वे रविवार को दूतों की कीव में मेजबानी के लिए तैयार हैं। हालांकि, सीजफायर के ऐलान से पहले रूस ने कीव के सरकारी प्रतिष्ठानों और बोरिस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जेट-पावर्ड ड्रोन से भयंकर हमले किए थे।

भारत भी बेहद युद्ध रोकने में निभा रहा सक्रिय भूमिका

दूसरी ओर, इस पूरे विवाद के वैश्विक समाधान के लिए भारत भी बेहद सक्रिय भूमिका निभा रहा है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेन की राजधानी कीव की अपनी महत्वपूर्ण यात्रा पूरी करने के बाद शुक्रवार को पोलैंड के वारसॉ में वहां के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की। संयुक्त प्रेसवार्ता में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत का रुख पूरी तरह से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत लगातार रूस और यूक्रेन दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ संवाद बनाए हुए है।

जयशंकर क्या बोले?

भारत की कोशिश है कि ऐसे व्यावहारिक विचार और सुझाव सामने लाए जाएं, जिससे युद्ध की तीव्रता को तुरंत कम किया जा सके और अंततः इस संघर्ष का शांतिपूर्ण हल निकल सके। जयशंकर ने चिंता जताते हुए कहा कि यह युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जिससे केवल यूरोप ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में खाद्य सुरक्षा, ईंधन की उपलब्धता और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) बुरी तरह प्रभावित हुई है। कीव में राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान भी जयशंकर ने भरोसा दिया था कि भारत इस युद्ध को समाप्त करने के लिए अपने स्तर पर हर संभव योगदान देने के लिए तैयार है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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