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भारत की पहल को मिली वैश्विक पहचान, UN ने 27 नवंबर को घोषित किया अंतर्राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन दिवस

27 नवंबर की तारीख भारत के लिए भी खास महत्व रखती है। इसी दिन 2024 में केंद्र सरकार ने ‘बाल विवाह मुक्त भारत’अभियान की शुरुआत की थी। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसी तारीख को अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया जाने से भारत के प्रयासों को भी वैश्विक मंच पर पहचान मिली है।

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संयुक्त राष्ट्र (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

बाल विवाह और जबरन विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ वैश्विक अभियान को मजबूत करने की दिशा में संयुक्त राष्ट्र ने बड़ा कदम उठाया है। संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय बाल विवाह उन्मूलन दिवस के रूप में घोषित किया है। भारत ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।

बता दें कि 27 नवंबर की तारीख भारत के लिए भी खास महत्व रखती है। इसी दिन 2024 में केंद्र सरकार ने ‘बाल विवाह मुक्त भारत’अभियान की शुरुआत की थी। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसी तारीख को अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया जाने से भारत के प्रयासों को भी वैश्विक मंच पर पहचान मिली है।

भारत में घट रहा बाल विवाह,फिर भी चुनौती बरकरार

बता दें कि पिछले कई दशकों में भारत में बाल विवाह के मामलों में कमी आई है, लेकिन बाल विवाह के आंकड़े अब भी चिंताजनक हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) 2019-21 के अनुसार,20 से 24 वर्ष आयु वर्ग की 23.3 प्रतिशत महिलाओं की शादी 18 वर्ष की उम्र से पहले हो गई थी।

वहीं,NFHS-6 (2023-24) में यह आंकड़ा घटकर 20.1 प्रतिशत रह गया। 2019-21 और 2023-24 के इन आंकड़ों को देखें तो बाल विवाह में कमी जरूर दर्ज की गई है,लेकिन बाल विवाह को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभी बड़े स्तर पर प्रयास की जरूरत है।

2030 तक बाल विवाह खत्म करने का लक्ष्य

वहीं, बाल विवाह के खिलाफ सिएरा लियोन के नेतृत्व वाले इस प्रस्ताव को तैयार करने में शामिल'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन'के संस्थापक भुवन ऋभु ने भी संयुक्त राष्ट्र के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह घोषणा भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दुनिया में उदाहरण पेश करने और उन्मूलन लक्ष्यों को पूरा करने का एक अवसर है।

विश्वभर के देशों की इस मांग को संयुक्त राष्ट्र द्वारा मंजूरी दिए जाने का स्वागत करते हुए ऋभु ने कहा कि आज का दिन निर्णायक मोड़ है,जो दर्शाता है कि बाल विवाह जैसे अपराध का अंत अपरिहार्य और निकट है।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि विश्व भर की सरकारें 2030 तक बाल विवाह को समाप्त करने और प्रत्येक बच्चे की शिक्षा,सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक नेतृत्व प्रदान करें ताकि वे अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सकें। मैं इस मुद्दे को आगे बढ़ाने में नेतृत्व करने के लिए सिएरा लियोन की प्रथम महिला का आभारी हूं और उन देशों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने हमारे प्रस्ताव का सह-प्रायोजन किया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के समय वे नागरिक समाज प्रतिनिधि के रूप में संयुक्त राष्ट्र में उपस्थित थे।

2026 तक 10 फीसदी कमी का लक्ष्य

बता दें कि भारत सरकार ने 2026 तक बाल विवाह की दर में 10 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य रखा है। सरकार को उम्मीद है कि लगातार किए जा रहे प्रयासों के जरिए 2026 के अंत तक भारत में बाल विवाह की व्यापकता 15 फीसदी से नीचे आ जाएगी।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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