Sawai Madhopur Rain: राजस्थान के सवाई माधोपुर में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। जिले में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश के चलते नदी-नाले और रणथंभौर के झरने उफान पर हैं। जिला मुख्यालय के बीच से गुजरने वाले लटिया नाले में भी पानी का तेज बहाव देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश के चलते मानसरोवर बांध लबालब भरकर छलक गया है, वहीं रणथंभौर के झरेटी नाले में भी तेज बहाव के साथ पानी आ रहा है। इसके चलते कुंडेरा और श्यामपुरा क्षेत्र के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।
सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, झरनों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। वहीं, जिला कलेक्टर कानाराम ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिले की कक्षा 1 से 12वीं तक के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में आज अवकाश घोषित किया है। रणथंभौर के झोझेश्वर, अमरेश्वर, सीता माता और केल कुंड झरने भी तेज बहाव के साथ उफान पर हैं। वन विभाग ने खतरे वाले स्थानों पर वनकर्मियों की टीमें तैनात की हैं।
सबसे अधिक बारिश तलवाड़ा में दर्ज की गई
सवाई माधोपुर जिले में बीते 24 घंटे के दौरान कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक 131 मिमी बारिश तलवाड़ा में दर्ज की गई। इसके अलावा खंडार में 84 मिमी, सवाई माधोपुर में 82 मिमी, बामनवास में 77 मिमी और बरनाला में 75 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश से जिले के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। हालांकि, बारिश थमने के बाद पानी तेजी से निकल रहा है। बारिश ने जहां आम लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं, वहीं किसानों के लिए यह राहत लेकर आई है। कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण मुरझा रही फसलों को पानी मिलने से किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आ रही है।
कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश होने की संभावना
इस मानसून में यह पहला मौका है जब जिला मुख्यालय के लटिया नाले में पानी का तेज बहाव देखने को मिल रहा है। वहीं, रणथंभौर के जंगलों में हुई बारिश से नाले और झरने पूरे वेग से बह रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज भी जिले में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी-नालों, झरनों और पानी वाली जगहों पर जाने से बचें।
