संगरूर : जिले के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने संगरूर के DSP हरविंदर सिंह का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से उनके मौजूदा पदों से हटाकर पुलिस लाइन संगरूर भेज दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक इंस्पेक्टर परतेक जिंदल, SI बलजीत सिंह और ASI हरप्रीत सिंह को प्रशासनिक आधार पर लाइन हाजिर किया गया है। तीनों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन संगरूर में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार इंस्पेक्टर परतेक जिंदल थाना सिटी सुनाम में SHO के पद पर तैनात थे। वहीं SI बलजीत सिंह थाना चीमा में SHO और ASI हरप्रीत सिंह सिटी सुनाम में इंचार्ज के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे। तीनों को मौजूदा जिम्मेदारियों से हटाकर पुलिस लाइन संगरूर भेजा गया है।
DSP हरविंदर सिंह का भी तबादला
इस मामले में DSP हरविंदर सिंह पर भी कार्रवाई हुई है। DGP के आदेश के मुताबिक उन्हें तत्काल प्रभाव से मौजूदा पद से हटाकर DSP (1st CDO Bn.), बहादुरगढ़, पटियाला के पद पर तैनात किया गया है। उन्हें नई पोस्टिंग पर तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, संगरूर के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान का लोक मिलनी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान गांव के ही मोहनजीत सिंह शेरों ने अपने घर की छत से मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाया। बताया गया कि वह करीब 200 मीटर की दूरी से मुख्यमंत्री से सवाल भी पूछ रहे थे। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान उनकी ओर गया, जिसके बाद सीएम सिक्योरिटी और स्थानीय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
रिहाई के बाद मोहनजीत सिंह ने पुलिस हिरासत में उनके साथ मारपीट, बाल खींचने और करंट लगाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। मोहनजीत ने DSP पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्हें पुलिस हिरासत में बिजली के झटके दिए गए।
इसके बाद मोहनजीत सिंह को संगरूर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने अपने साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर विरोध जताया और इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया। मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ा। मोहनजीत सिंह से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फोन पर बात की। इसके बाद पुलिस विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए DSP हरविंदर सिंह का तबादला किया गया और अब तीन अन्य पुलिसकर्मियों को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
