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पद्मा लक्ष्मी बनीं इस राज्य की पहली ट्रांसजेंडर वकील, रचा इतिहास, अपने समुदाय के लिए साबित होंगी मिसाल

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Apr 11, 2023, 02:35 PM IST

पद्मा लक्ष्मी (Padma Lakshmi) केरल की पहली ट्रांसजेंडर वकील बन गई। राज्य के मंत्री पी राजीव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर पद्मा लक्ष्मी का एक फोटोग्राफर शेयर करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि इससे ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को प्रेरणा मिलेगी।

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पद्मा लक्ष्मी

तिरुवनंतपुरम: केरल को अपना पहला ट्रांसजेंडर वकील रविवार को मिल गया। जब ट्रांसवुमन पद्मा लक्ष्मी (Transwoman Padma Lakshmi) ने 19 मार्च को नामांकन समारोह में केरल की बार काउंसिल के साथ एक वकील के रूप में इनरोल्ड हुईं। वह 1500 से अधिक लॉ ग्रेजुएट्स में से एक थीं। जिन्हें अधिवक्ता के रूप में केरल बार काउंसिल के रोल्स पर प्रवेश कराया गया।

राज्य के उद्योग मंत्री पी राजीव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर पद्मा लक्ष्मी का एक फोटोग्राफर शेयर करते हुए उन्हें बधाई दी। पद्मा लक्ष्मी ने एर्नाकुलम गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से स्नातक किया। उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय की आवाज बनने के उनके दृष्टिकोण की तारीफ की। जिसे लंबे समय से न्याय से वंचित रखा गया है। एक लंबे पोस्ट में, पी राजीव ने लिखा कि उनकी यह जर्नी समुदाय के कई अन्य लोगों को प्रेरित करेगी।

उन्होंने लिखा कि पद्मलक्ष्मी (Padma Lakshmi) को बधाई। जिन्होंने जीवन की सभी बाधाओं को पार किया और केरल में पहले ट्रांसजेंडर वकील के रूप में इनरोल्ड किया। प्रथम बनना हमेशा इतिहास की सबसे कठिन उपलब्धि होती है। लक्ष्य के रास्ते में पहले से कोई नहीं होता है। उनकी जर्नी में बाधाएं मिली होंगी। चूप कराने वाले और हतोत्साहित करने वाले लोग मिले होंगे। पद्मलक्ष्मी ने इन सब से पार पाकर कानूनी इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है।

पद्मलक्ष्मी की राहों ने उन ट्रांसजेंडर्स को विश्वास दिलाया है कि न्याय की लड़ाई में उन्हें किस तरफ खड़ा होना है। इसीलिए पद्मलक्ष्मी के शब्द इतने तीखे हैं कि आगे की जर्नी में कानून की ताकत से वंचित न्याय की आवाज बनना ही उद्देश्य है। की जय हो। ट्रांसजेंडर सेक्टर के लोगों को पद्मलक्ष्मी का जीवन काफी प्रेरित करेगा। वे कानून की पढ़ाई के लिए आगे बढ़ेंगे। एक बार फिर पद्मलक्ष्मी और 1528 अधिवक्ताओं को बधाई।

देश का पहला ट्रांसजेंडर जज (First transgender judge)

2017 में भारत को अपना पहला ट्रांसजेंडर जज मिला। जब 2017 में पश्चिम बंगाल में इस्लामपुर की लोक अदालत में जॉयता मंडल (Joyita Monda) को जज नियुक्त किया गया। 2018 में ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता विद्या कांबले (Vidya Kamble) को महाराष्ट्र के नागपुर में एक लोक अदालत में जज नियुक्त किया गया था। उसी साल बाद में देश को तीसरा ट्रांसजेंडर जज स्वाति बिधान बरुआ मिला (Swati Bidhan Baruah) जो गुवाहाटी की रहने वाली हैं।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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