NEET Paper Leak 2026 : नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। अब तक इस मामले में कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीबीआई ने इस मामले में पहले जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से 5 आरोपी पहले ही 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजे जा चुके हैं, जबकि दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के बाद दिल्ली लाया जाएगा। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस पूरे रैकेट के कथित मास्टरमाइंड का खुलासा करते हुए केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था। इसी बीच पुणे की बॉयोलॉजी लेक्चरर मनीषा मंधारे को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है, जो NTA पैनल की सदस्य थी, जिसने पेपर में आए सवाल मार्क कराए थे।
अबतक ये हुए गिरफ्तार
- पी.वी. कुलकर्णी (पुणे, महाराष्ट्र)
- शुभम खैरनार (महाराष्ट्र)
- धनंजय लोखंडे (महाराष्ट्र)
- मनीषा वाघमारे (महाराष्ट्र)
- मांगीलाल बिंवाल (राजस्थान)
- दिनेश बिंवाल (राजस्थान)
- विकास बिंवाल (राजस्थान)
- यश यादव (हरियाणा)
- मनीषा गुरुनाथ मंधारे
क्या था मनीषा गुरुनाथ मंधारे का रोल?
जांच एजेंसी ने महाराष्ट्र के पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। लंबी पूछताछ के बाद सीबीआई ने यह कार्रवाई की। बकौल सीबीआई, मनीषा मंधारे NTA की ओर से NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के तौर पर शामिल हुई थीं। उनकी बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी। जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 में मनीषा मंधारे ने पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा वाघमारे के जरिए छात्रों को एकत्रित किया और पुणे स्थित अपने आवास पर स्पेशल कोचिंग क्लासेस संचालित कीं। इन क्लासेस में मनीषा ने छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के संभावित सवाल बताए। साथ ही इन सवालों को नोटबुक में लिखवाया और किताबों में मार्क करवाया। सीबीआई ने दावा किया कि इनमें से ज्यादातर सवाल 3 मई, 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में आए थे।
पीवी कुलकर्णी निकला मास्टरमाइंड
सीबीआई के मुताबिक, पीवी कुलकर्णी लंबे समय से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हुए थे और उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी ने अप्रैल के आखिरी सप्ताह में दूसरे आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को जुटाया था। मनीषा वाघमारे को सीबीआई ने 14 मई को गिरफ्तार किया था।
जांच में सामने आया कि कुलकर्णी ने महाराष्ट्र के पुणे स्थित अपने घर पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास चलाई थी। इन क्लासों के दौरान वह छात्रों को सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब डिक्टेट करते थे, जिन्हें छात्र अपनी नोटबुक में लिखते थे। सीबीआई का कहना है कि छात्रों द्वारा लिखे गए सवाल हूबहू 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।
बिवाल परिवार का क्या रोल
आरोपी भाई दिनेश बिवाल और मंगिलाल बिवाल तथा मंगिलाल के बेटे विकास बिवाल को जयपुर से हिरासत में लिया गया। यश यादव को गुरुग्राम से और शुभम खैरनार को महाराष्ट्र के नासिक से हिरासत में लिया गया। आरोपी दिनेश बिवाल ने अपने बेटे ऋषि बिवाल के लिए लीक हुए प्रश्नपत्र को प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर लगभग 10 लाख रुपए दिए थे।
हालांकि, प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध होने के बावजूद, ऋषि कथित तौर पर परीक्षा में केवल 107 अंकों के प्रश्नों का उत्तर ही दे पाए। ऋषि बिवाल की शैक्षणिक मार्कशीट ऑनलाइन सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है, जिसमें कथित तौर पर दिखाया गया है कि उन्होंने ग्रेस मार्क्स की मदद से परीक्षा उत्तीर्ण की थी। जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दिनेश बिवाल ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बेटे के लिए लीक हुआ परीक्षा पत्र हासिल किया था। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस सौदे में लगभग 10 लाख रुपए का भुगतान शामिल था, हालांकि अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हुआ।

नीट परीक्षा लीक की टाइमलाइन
यह खुलासा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा देशव्यापी परीक्षा घोटाले की चल रही जांच में हुए पहले बड़े खुलासों में से एक है। दिनेश बिवाल ने इससे पहले 2025 में सोशल मीडिया पर यह पोस्ट करके सुर्खियां बटोरी थीं कि उनके परिवार के पांच बच्चों ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) सफलतापूर्वक पास कर ली है।
जांच एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या उस परीक्षा चक्र में भी अनियमितताएं हुई थीं। सीबीआई को संदेह है कि प्रवेश सुरक्षित करने के लिए लीक हुए दस्तावेजों का इस्तेमाल तब भी किया गया होगा। यह ऑपरेशन कई राज्यों में फैले एक बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, लीक हुए दस्तावेज और संबंधित पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फॉर्मेट (पीएचडी) फाइलें कथित तौर पर एजेंटों और बिचौलियों की एक श्रृंखला का उपयोग करके टेलीग्राम और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से प्रसारित की गईं।
अधिकारियों ने सीकर में एक फ्लैट की भी पहचान की है, जिसका कथित तौर पर दस्तावेजों के वितरण और उम्मीदवारों के साथ संचार के प्रबंधन के लिए समन्वय केंद्र के रूप में उपयोग किया जा रहा था। जांचकर्ताओं ने कहा कि नेटवर्क के कुछ सदस्य कूरियर के रूप में काम करते थे, जो लीक हुई सामग्री को उम्मीदवारों तक पहुंचाते थे। दिनेश बिवाल और उनके परिवार के कुछ सदस्यों पर इस भूमिका में शामिल होने का संदेह है।
ब्यूटी सैलून की मालकिन मनीषा वाघमारे गिरफ्तार
महाराष्ट्र पुलिस ने इस मामले में दो और संदिग्धों को हिरासत में लेकर सीबीआई को सौंप दिया है। पुलिस ने बुधवार तड़के बिबवेवाड़ी से ब्यूटी सैलून की मालकिन मनीषा वाघमारे और राहुरी से आयुर्वेद चिकित्सक धनंजय लोखंडे को गिरफ्तार किया।
रिमांड पर धनंजय लोखंडे
नीट यूजी 20परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी धनंजय लोखंडे को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 6 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है। सीबीआई ने लोखंडे को गुरुवार को गिरफ्तार किया था और शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर उसकी हिरासत की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
यश यादव ने नीट कैसे किया खेल
नीट पेपर लीक कांड के बड़े सूत्रधार के रूप में यश यादव का नाम सामने आ रहा है। प्रारंभिक छानबीन के मुताबिक यदि जयपुर के रहने वाले दिनेश एवं मांगीलाल से यश ने डील न की होती तो यह पूरे राजस्थान में लीक न होता। यह भी सामने आ रहा है कि राजस्थान से ही अन्य राज्यों में पेपर बेचे गए। जयपुर के रहने वाले आरोपितों ने सीधे तौर पर यश का नाम लिया है। राजस्थान एसओजी ने अपनी रिपोर्ट सीबीआइ को सौंप दी है। आगे की जांच अब सीबीआइ करेगी।
डॉ. शुभम खैरनार ने नीट में किया खेला
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. शुभम खैरनार नाम के एक आरोपी को नासिक से गिरफ्तार किया गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि शुभम खुद भी मेडिकल का छात्र रहा है। जानकारी के मुताबिक, शुभम खैरनार का कनेक्शन मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी से जुड़ा है, जहां उसने 2021 में BAMS (आयुर्वेद चिकित्सा) कोर्स में एडमिशन लिया था।
पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देशभर में कई जगह छापेमारी भी की है। इस दौरान कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। अब इनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब लातूर में कुछ अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई कि एक कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट में पूछे गए 42 सवाल नीट यूजी परीक्षा के असली पेपर से पूरी तरह मेल खाते थे। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में सीबीआई को इस मामले की जानकारी दी गई।
