NEET Exam Paper Leak: देश की सबसे मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी परीक्षा 2026 की चर्चा देशभर में हो रही है। एक बार फिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की नाकामी का खामियाजा देश के 22 लाख से ज्यादा नीट के उम्मीदवारों को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि, नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। इस मामले में 'मास्टरमाइंड'को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक का मुख्य स्रोत माना जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पी.वी. कुलकर्णी के रूप में हुई है, जो पुणे में केमिस्ट्री लेक्चरर है और एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था। सीबीआई के अनुसार, कुलकर्णी को प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी और उसने इसी का दुरुपयोग करते हुए परीक्षा से पहले सवाल छात्रों तक पहुंचाए।
वहीं, एक और आरोपी मनीष यादव को जयपुर में हिरासत में ले लिया गया है। वहीं जांच का दायरा अब तीन राज्यों तक फैल गया है। इस मामले में मंगलवार शाम को महाराष्ट्र के नासिक से एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया है। नासिक पुलिस की अपराध शाखा ने राजस्थान पुलिस के अनुरोध पर जिले के नंदगांव निवासी शुभम खैरनार (30) को हिरासत में लिया है।
अब तक गिरफ्तार हुए आरोपियों की पूरी लिस्ट इस प्रकार है:
पी.वी. कुलकर्णी (पुणे, महाराष्ट्र)
शुभम खैरनार (महाराष्ट्र)
धनंजय लोखंडे (महाराष्ट्र)
मनीषा वाघमारे (महाराष्ट्र)
मांगीलाल बिंवाल (राजस्थान)
दिनेश बिंवाल (राजस्थान)
विकास बिंवाल (राजस्थान)
यश यादव (हरियाणा)
सीबीआई के हत्थे चढ़े आरोपियों में नासिक का 30 वर्षीय शुभम खैरनार भी शामिल है, जो इस लीक का बड़ा सौदागर बताया जा रहा है। जांच के मुताबिक, खैरनार ने NEET-UG का पेपर करीब 10 लाख रुपये में खरीदा था और फिर उसे व्हाट्सअप पर पीडीएफ फाइल बनाकर 15 लाख रुपये में आगे बेच दिया। खैरनार 'SR कंसल्टेंसी' नाम से एक एजुकेशनल कंसल्टेंसी फर्म चलाता है, जिसके दफ्तर नासिक और भोपाल में हैं। फिलहाल CBI खैरनार के भाई से भी इस सिलसिले में कड़ी पूछताछ कर रही है।
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि यह लीक हुआ पेपर राजस्थान, हरियाणा, बिहार, केरल और जम्मू-कश्मीर समेत देश के 6 राज्यों में फैल चुका था। इस घोटाले के तार राजस्थान के सीकर के रहने वाले एक MBBS छात्र से भी जुड़े हैं, जो वर्तमान में केरल में पढ़ाई कर रहा है।
सिस्टम के अंदर ही बैठा है 'गद्दार'
सीबीआई (CBI) ने दिल्ली की अदालत में साफ तौर पर कहा है कि पेपर लीक का असली सोर्स एनटीए के अंदर ही कहीं छिपा है। जांच एजेंसी के इस दावे ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि मुख्य आरोपी शुभम खैरनार ने नीट यूजी पेपर पुणे के एक शख्स से हासिल किया था, जिसका सीधा संपर्क ‘NTA सोर्स’ से था। यानी एग्जाम से पहले ही पेपर सिस्टम के अंदर से बाहर आ गया था।
गुरुवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने बताया कि लीक हुआ क्वेश्चन पेपर एक चेन के जरिए स्टूडेंट्स तक पहुंचा। इस चेन की शुरुआत एक अज्ञात ‘NTA सोर्स’ से हुई, जिसने पुणे के किसी व्यक्ति को पेपर दिया। वहां से यह नासिक के शुभम खैरनार के पास पहुंचा और फिर टेलीग्राम के जरिए इसे देशभर में फैलाया गया। सीबीआई के नए खुलासे के मुताबिक, 3 मई को होने वाली नीट परीक्षा का असली पेपर 4 दिन पहले यानी 29 अप्रैल को ही टेलीग्राम पर शेयर किया जाने लगा था।

NEET Paper Leak: नीट परीक्षा लीक को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी।
'गेस पेपर' के नाम पर वायरल हो रही थी असली सवालों की PDF
जांच में सामने आया है कि टेलीग्राम पर NEET-UG 2026 की एक पीडीएफ (PDF) फाइल तेजी से वायरल हो रही थी, जिसमें करीब 500 से 600 सवाल दिए गए थे। जब परीक्षा के बाद CBI और विशेषज्ञों ने इस वायरल पीडीएफ का मिलान नीट के मूल प्रश्नपत्र से किया, तो अधिकारी भी हैरान रह गए।
इस 500-600 सवालों की फाइल में से 180 सवाल बिल्कुल वही थे, जो 3 मई को मुख्य परीक्षा में पूछे गए थे। यानी असली पेपर के सभी सवाल पहले ही उस लीक हुई पीडीएफ का हिस्सा बन चुके थे।
बड़े पैमाने पर लीक के दावों पर लगी मुहर
इस नए और पुख्ता सबूत ने उन सभी दावों और आशंकाओं की पुष्टि कर दी है कि नीट का पेपर परीक्षा से बहुत पहले ही लीक हो चुका था और इसे एक बड़े संगठित नेटवर्क के जरिए देशभर के छात्रों तक पहुंचाया जा रहा था। टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर फाइल शेयर होने के कारण अब आशंका जताई जा रही है कि यह लीक बेहद बड़े पैमाने पर हुआ है, जिसने लाखों ईमानदार छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया है।
अब कब होगी परीक्षा?
एनटीए ने जानकारी दी है कि नीट-यूजी 2026 की रद्द हुई परीक्षा का आयोजन आगामी 21 जून को किया जाएगा। परीक्षा की नई तारीख सामने आने के बाद जहां एक तरफ छात्रों के मन से अनिश्चितता के बादल छंटे हैं, वहीं दूसरी तरफ बेहद कम समय मिलने के कारण तनाव भी बढ़ गया है। 23 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों को अब महज कुछ ही हफ्तों में दोबारा पूरे सिलेबस का रिवीजन करना होगा।
