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चीन को तो आप रोक नहीं सके...कारगिल दौरे पर पहुंचे उमर अब्दुल्ला ने सरकार को घेरा, प्रशासन पर भी लगाए कई गंभीर आरोप

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  • Updated Nov 1, 2022, 01:04 AM IST

इस दौरे से पहले नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि कश्मीर में स्थिति सामान्य नहीं है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए फटकार भी लगाई थी। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्वीकार करने की जरूरत है कि समस्या आज भी कश्मीर में मौजूद है।

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कारगिल के दौरे पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने द्रास पहुंचने के बाद एक के बाद एक सिलसिलेवार तरीके से सरकार और प्रशासन पर हमला बोला है। अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें यहां आने से रोका जा रहा था।

उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें द्रास डाक बंगले में रहने नहीं दिया गया। वर्करों से बात करने के लिए माइक तक यूज नहीं करने दिया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने उन्हें यहां न आने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा- "आप लद्दाख में चीन को नहीं रोक सकते, लेकिन आप मुझे श्रीनगर से कारगिल आने की अनुमति नहीं देते हैं। यह अजीब है कि मुझे डाक बंगले में रहने और आपसे बात करने के लिए माइक का उपयोग करने की अनुमति नहीं थी।"

आगे नेशनल कांफ्रेंस के नेता ने कहा- "यहां नहीं आने को कहा। मैंने उन्हें बताया कि वे किस बात से डरते हैं। चीन यहां है। आप उन्हें रोक नहीं पाए, आप उन्हें वापस नहीं भेज सके और आपने बहादुरी नहीं दिखाई लेकिन आप हमें यहां नहीं आने के लिए कह रहे हैं।"

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि नई दिल्ली ने 5 अगस्त, 2019 को कारगिल और शेष जम्मू-कश्मीर के बीच जो राजनीतिक सीमाएं खींची थीं, वे उन्हें विभाजित करने में विफल रही हैं। उमर अब्दुल्ला इस समय दो दिवसीय कारगिल दौरे पर हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के सांसद कारगिल और द्रास में लोगों से संबंधित मुद्दों को संसद में उठाते रहे हैं, बावजूद इसके कि वे इन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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