यूपी के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को जान का डर सता रहा है। मतलब जो मुख्तार कभी यूपी में 'शेर' बनकर घुमता था, उसे डर है कि वो जेल से बाहर निकलेगा तो मार दिया जाएगा। जैसे अतीक अहमद को मारा गया।
अंसारी परिवार के वकील लियाकत अली ने बताया कि कोर्ट में पेश ना होने के लिए Mukhtar Ansari की ओर से पहले ही प्रार्थना पत्र दिया गया है। उन्होंने आशंका जताई की उनके मुवक्किल को अगर जेल से बाहर लाया जाता है तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।
इसलिए उसे जेल से बाहर नहीं लाया जाए, उसे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया जाए। मुख्तार अंसारी के सिर पर कोई एक दो या तीन केस नहीं हैं। अगर आप उनसे खुद पूछें तो जवाब यही होगा कि अब तो याद नहीं। मुख्तार के खिलाफ 61 केस दर्ज हैंं। लेकिन 15 साल पुराने एक केस को वो शायह ही भूल पाएं। साल 2007 में मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफजाल अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मुख्तार इस समय बांदा जेल में बंद है।
