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मोहन भागवत के Gen Z से संवाद पर क्या बोला विपक्ष? प्रियंका का पलटवार तो उमर अब्दुल्ला ने RSS प्रमुख को सही बताया

आरएसएस चीफ मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के जेन-जी के साथ संवाद पर विपक्षी पार्टी के नेताओं ने निशाना साधा है। वहीं उमर अब्दुल्ला ने मोहन भागवत के बयान को सही ठहराया है।

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संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर क्या बोले विपक्षी नेता (फोटो- PTI)

संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के ’जेन-जी’ और ’जेन अल्फा’ के साथ संवाद पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने बड़ा हमला बोला है। प्रियंका गांधी ने कहा है कि जेन-जी को मोहन भागवत से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। वहीं जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने मोहन भागवत के बयान को सही बताते हुए कहा कि उन्होंने कोई ऐसी बात नहीं कही है, जो सच न हो। राजद नेता मनोज झा ने भी इस बयान को लेकर बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि ये बयान नितिन नवीन तक पहुंचना चाहिए, जिन्होंने जेन जी को वायरस कहा था।

प्रियंका गांधी ने क्या कहा?

आज संसद के बाहर जब पत्रकारों ने प्रियंका गांधी से पूछा कि, मोहन भागवन ने कहा है जेन जी देश विरोधी नहीं है, इस पर वो क्या कहेंगी? प्रियंका गांधी ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, "उन्हें RSS प्रमुख मोहन भागवत जी से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।"

उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान का पर कहा कि उन्होंने कोई ऐसी बात नहीं कही जो सच न हो। उन्होंने कहा कि युवाओं ने अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन किया था और उनका आंदोलन देश के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि सरकार का विरोध करना देश का विरोध नहीं होता और कई बार सरकार की आलोचना देश के हित में होती है, क्योंकि इससे व्यवस्था की कमियां सामने आती हैं और उनमें सुधार होता है।

केसी वेणुगोपाल ने क्या कहा?

RSS प्रमुख मोहन भागवत के 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' इवेंट पर कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, "अगर उन्हें 'जेन जी' की सच में परवाह है, तो उन्हें भारत के गृह मंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए। वरना, उन्हें (केंद्रीय गृह मंत्री को) कम से कम संसद में आकर छात्रों से माफी मांगनी चाहिए... साथ ही, RSS सरकार को नियंत्रित कर रही है। अगर उन्हें छात्रों की सच में परवाह है, तो उन्हें छात्रों पर हुए अत्याचारों की निंदा करनी होगी। पेलेट गन्स का इस्तेमाल किया गया था, और छात्र इसके लिए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वह इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? यह सब बस दिखावा है..."

पवन खेड़ा ने क्या कहा?

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, "हमें बताएं कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री यहां आ रहे हैं या नहीं? हमें बताएं कि क्या प्रधानमंत्री यहां आ रहे हैं या नहीं? हमें बताएं कि क्या वह चंदे की चोरी पर कोई बयान देंगे? हमें बताएं कि क्या वह यहां आकर पैलेट गन पर कोई बयान देंगे या नहीं...?"

राजद सांसद मनोज झा ने क्या कहा?

RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen-Z के लेकर दिए गए बयान पर RJD नेता मनोज झा ने कहा, "ये खबर नितिन नवीन तक पहुंची की नहीं? उन्होंने वायरस बोला था... सवाल ये नहीं है कि आप क्या सोच रहे हैं? सवाल ये है कि आप हताश हैं, आपने उनकी भाषा कॉपी करने की कोशिश की भाव नहीं।"

चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा?

RSS प्रमुख मोहन भागवत की बातचीत पर, आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, "हमें या देश को यह बताने के बजाय, RSS प्रमुख को सरकार से जाति-आधारित जनगणना कराने और उसका डेटा सार्वजनिक करने के लिए कहना चाहिए... इससे पता चलेगा कि किसका उत्थान हुआ है... लेकिन उन्हें (प्रधानमंत्री को) अपना वह नारा याद नहीं है कि वे मंडल आयोग की बाकी सिफारिशों को पूरा करेंगे...अगर Gen Z विरोध कर रही है, तो वे देश-विरोधी नहीं हैं," वे कहते हैं, "RSS के ही एक और व्यक्ति प्रदर्शनकारियों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे... मुझे लगता है कि युवाओं को लेकर उनके मन में विरोधाभास है। 2014 में युवाओं ने ही उन्हें सत्ता में पहुंचाया था और युवा ही उन्हें पीछे छोड़ देंगे..."

मोहन भागवत ने क्या कहा था?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन संवाद का एक वैध तरीका है, लेकिन इसका मकसद विभाजन पैदा करने के बजाय आम सहमति बनाना होना चाहिए। भागवत ने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली को लेकर जताई जा रही चिंताएं जायज हैं। उन्होंने इस अहम क्षेत्र पर खर्च को जीडीपी (सकल घेरलू उत्पाद) का छह प्रतिशत तक बढ़ाने की वकालत की। जेन-जी की शिकायतें जायज हैं और उनकी ईमानदारी पर भरोसा है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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