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विपक्ष के 2 बड़े नेताओं को कोर्ट से मिली राहत, एक बीमार पत्नी से मिलेंगे तो दूसरे चाचा के श्राद्ध कर्म में होंगे शामिल

Manish Sisodia, Hemant Soren : भष्टाचार के आरोप में जेल में बंद विपक्ष के दो बड़े नेताओं मनीष सिसोदिया और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट की इजाजत के बाद तिहाड़ जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम सिसोदिया सप्ताह में एक बार अपनी बीमार पत्नी से मिल सकेंगे।

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सप्ताह में एक पार अब बीमार पत्नी से मिल सकेंगे मनीष सिसोदिया।

Manish Sisodia, Hemant Soren : भष्टाचार के आरोप में जेल में बंद विपक्ष के दो बड़े नेताओं मनीष सिसोदिया और पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को कोर्ट से राहत मिली है। कोर्ट की इजाजत के बाद तिहाड़ जेल में बंद आम आदमी पार्टी के नेता एवं दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम सिसोदिया सप्ताह में एक बार अपनी बीमार पत्नी से मिल सकेंगे। वहीं, झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत को अपने चाचा राजाराम सोरेन के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के लिए अस्थाई जमानत दी है। बता दें कि भूमि घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सोरेने को गत 31 जनवरी को उन्हें रांची स्थित आवास से गिरफ्तार किया।

26 फरवरी 2022 को गिरफ्तार हुए सिसोदिया

दिल्ली आबकारी नीति मामले में कथित भ्रष्टाचार के आरोप पर सीबीआई ने 26 फरवरी 2022 को सिसोदिया को गिरफ्तार किया। इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने तिहाड़ जेल से सिसोदिया को अरेस्ट किया। अपनी गिरफ्तारी के बाद सिसोदिया निचली अदालत से लेकर ऊपरी अदालत तक जमानत के लिए दरवाजा खटखटा चुके हैं लेकिन उन्हें स्थायी जमानत नहीं मिली है। वहीं, सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत का यह फैसला 28 फरवरी से लंबित था।

बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं सोरेन

न्यायमूर्ति आर. मुखोपाध्याय ने निर्देश दिया कि पुलिस हिरासत में वह (सोरेन) अपने चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकते हैं। वह फिलहाल रांची की बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल में बंद हैं। सोरेन को ईडी की 13 दिन की हिरासत के बाद 15 फरवरी को बिरसा मुंडा केंद्रीय जेल भेज दिया गया था।

हाई कोर्ट ने ईडी-सीबीआई से जवाब मांगा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार एवं धनशोधन मामलों में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने निचली अदालत के 30 अप्रैल के आदेश को चुनौती देने वाली सिसोदिया की याचिकाओं पर सीबीआई और ईडी को नोटिस जारी किया। निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

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