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'वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमले हर हाल में रुकें; ईरान को भारत की दो टूक; अब्बास अराघची को फोन कर जयशंकर ने कही ये बात

जहां एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। वहीं, दूसरी ओर रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग के चलते ब्लैक सी में भी संकट गहरा रहा है। ऐसे में भारत ने वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री कर्मियों (सीफेरर्स) पर हमले को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है।

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जयशंकर ने ईरान के सैयद अब्बास अराघची से की बात (फाइल फोटो साभार: @IRIMFA_EN)

Photo : Twitter

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ईरान से वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी परिस्थिति में वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री कर्मियों (सीफेरर्स) पर हमले नहीं होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी पक्ष द्वारा ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करता है।

फोन पर हुई बातचीत के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव और हिंसा पर भारत की गहरी चिंता से ईरानी विदेश मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारत ने ईरान से आग्रह किया है कि व्यापारिक जहाजों और उन पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दोहराया कि भारत किसी भी पक्ष द्वारा नागरिक जहाजों पर किए जाने वाले हमलों का समर्थन नहीं करता और ऐसे हर हमले की निंदा करता है।

जयशंकर ने बताया कि बातचीत के दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने उन्हें मौजूदा घटनाक्रम और जारी कूटनीतिक प्रयासों के बारे में ईरान का पक्ष भी बताया। इस पर भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह क्षेत्रीय संकट के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है तथा सभी पक्षों से तनाव कम करने की दिशा में प्रयास करने की अपील करता है।

यूक्रेन के विदेश मंत्री से भी फोन पर बात

इससे एक दिन पहले ही जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री से भी फोन पर बात की थी। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से बातचीत में उन्होंने काला सागर (ब्लैक सी) क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और भारतीय नाविकों पर हुए हमलों को लेकर भारत की गंभीर चिंता व्यक्त की। जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि किसी भी पक्ष द्वारा नागरिक व्यापारिक जहाजों या भारतीय समुद्री कर्मियों को निशाना बनाया जाना स्वीकार्य नहीं है और भारत ऐसे सभी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता है।

दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन में जारी संघर्ष, काला सागर की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और शांति बहाली के लिए चल रहे प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान जयशंकर ने एक बार फिर दोहराया कि भारत का मानना है कि किसी भी संकट का स्थायी समाधान केवल बातचीत, कूटनीतिक प्रयासों और शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से ही संभव है।

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से जयशंकर की यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। वहीं, दूसरी ओर रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग के चलते ब्लैक सी में भी संकट गहरा रहा है। भारत पहले भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और आसपास के समुद्री मार्गों में व्यापारिक जहाजों पर हमलों को लेकर चिंता जताता रहा है, क्योंकि इन रास्तों से भारत का बड़ा ऊर्जा और व्यापारिक आयात-निर्यात जुड़ा हुआ है।

पश्चिम एशिया में जारी जंग में 16 भारतीय नागरिकों की मौत

इस बीच, विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा में बताया कि फरवरी 2026 से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 10 भारतीय नाविक भी शामिल हैं। इसके अलावा 75 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों में एक-एक भारतीय सऊदी अरब और इराक, दो कुवैत, आठ ओमान तथा चार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में मारे गए। वहीं घायलों में यूएई, ओमान, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और इजराइल में मौजूद भारतीय नागरिक शामिल हैं।

कीर्ति वर्धन सिंह ने यह भी बताया कि कतर के रस लफ्फान गैस संयंत्र में जून महीने में हुए विस्फोट और आग की एक अलग घटना में 12 भारतीय नागरिकों की जान गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हादसा पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष या हमलों से संबंधित नहीं था।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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