डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि लोग त्यौहार से ठीक पहले सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि वे बहुत कम समय में कई प्रोसीजर एक साथ करा लेते हैं। फेशियल, पील या लेज़र अकेले में तो फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन जब इन्हें बिना ब्रेक लिए एक के बाद एक किया जाता है, तो त्वचा को ठीक होने का समय ही नहीं मिलता।
त्वचा को रिकवरी के लिए सही समय देना बहुत जरूरी है। हर ट्रीटमेंट का एक अपना रिकवरी टाइम होता है। कुछ प्रोसीजर सिर्फ त्वचा की ऊपरी परत पर असर डालते हैं, तो कुछ गहराई में जाकर काम करते हैं। ऐसे में अगर स्किन बैरियर को संभलने का समय न मिले, तो चेहरे पर निखार के बजाय इरिटेशन, जलन और सूखापन आ सकता है।
आम तौर पर लोग सोचते हैं कि साधारण फेशियल का कोई साइड इफेक्ट या रिकवरी टाइम नहीं होता, इसलिए इसे बार-बार कराया जा सकता है। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि बार-बार एक्सफोलिएशन (मृत त्वचा हटाना) और ब्लैकहेड्स निकालने से स्किन बैरियर कमजोर हो जाता है। इससे त्वचा पर लाली और सूजन आ सकती है।
केमिकल पील की बात करें तो इसे कभी भी त्योहार से कुछ दिन पहले नहीं कराना चाहिए, खासकर अगर आप पहली बार करवा रहे हों। पील कराने के बाद कुछ दिनों तक त्वचा में रेडनेस, ड्राईनेस और खिंचाव महसूस हो सकता है। इसके अलावा, पील कराई गई स्किन धूप के प्रति बहुत संवेदनशील हो जाती है।
इसी तरह, पिगमेंटेशन या अनचाहे बालों के लिए कराए जाने वाले लेज़र ट्रीटमेंट का असर भी त्वचा के प्रकार पर निर्भर करता है। भारतीय स्किन टोन में सूजन के बाद पिगमेंटेशन होने का खतरा अधिक रहता है। लेज़र के तुरंत बाद अगर स्किन धूप या गर्मी के संपर्क में आए, तो दाग-धब्बे और ज्यादा गहरे हो सकते हैं।
अगर आप घरेलू नुस्खे आजमा रहे हैं, तो उसमें भी सावधानी जरूरी है। किसी भी प्रोफेशनल ट्रीटमेंट के तुरंत बाद कई घरेलू चीजों या कड़े इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल स्किन को और बिगाड़ सकता है। चेहरा जलना, चुभन होना, रूखापन या नए मुंहासे निकलना इस बात का संकेत हैं कि आपकी स्किन को अब आराम की जरूरत है।
त्यौहारों के लिए स्किनकेयर की तैयारी आखिरी दिनों में करने के बजाय 3 से 4 हफ्ते पहले ही शुरू कर दें। दो ट्रीटमेंट्स के बीच सही समय का अंतर रखें, सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल करें और मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें। सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी प्रोसीजर से पहले एक विशेषज्ञ डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।