Fighter Jets Landing on Purvanchal Expressway: भारतीय वायु सेना (IAF) सुल्तानपुर स्थित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर टेकऑफ और लैंडिंग का अभ्यास किया। यह अभ्यास युद्ध या राष्ट्रीय आपात स्थितियों के दौरान वैकल्पिक रनवे के रूप में एक्सप्रेसवे की क्षमता का आकलन करने के लिए आयोजित किया गया है। इस मौके पर भारी संख्या में लोग भी यहां जुटे। लड़ाकू विमानों ने बहुत छोटे रनवे पर लैंडिंग कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।
सुल्तानपुर में अस्थाई रनवे बनाया गया
सुल्तानपुर में अस्थाई रनवे बनाया गया है जिस पर विमानों ने लैंडिंग कर अपनी क्षमता दिखाई। इस एक्सप्रेसवे पर तीन एयर स्ट्रिप बनाई गई है। आपातकालीन स्थिति में इसे रनवे जैसा इस्तेमाल किया जाएगा। यहां तीसरी बार लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन हुआ है। इस दौरान सुखोई, जगुआर और मिराज जैसे विमान उतरे। किरी-करवत हवाई पट्टी पर इन लड़ाकू विमानों ने लैंडिंग की।
इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड सक्रिया
इस दौरान इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड (ELF) को भी सक्रिय किया गया है। यहां लड़ाकू विमानों ने अपनी उड़ान क्षमता का प्रदर्शन किया, वहीं Mi-17 हेलीकॉप्टर ने स्लिथरिंग ऑपरेशन किया। इसके अलावा C-295 और AN-32 जैसे परिवहन विमान भी अभ्यास में शामिल हो रहे हैं। इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड दरअसल हाईवे के ऐसे विशेष हिस्से होते हैं, जिन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए तैयार किया जाता है। ये न सिर्फ युद्ध जैसी स्थिति में उपयोगी होते हैं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में भी अहम भूमिका निभाते हैं, जबकि सामान्य दिनों में ये सड़क की तरह ही इस्तेमाल होते रहते हैं। देशभर में ऐसे करीब 20 ELF विकसित करने की योजना है, जिनमें से अधिकतर सीमावर्ती क्षेत्रों में बनाए जाएंगे।
ताकत और दक्षता का प्रदर्शन
इस अभ्यास में सुखोई, मिराज, तेजस और जगुआर जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान अपनी ताकत और दक्षता का प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार को हुई रिहर्सल के दौरान विमानों ने कई बार टच-एंड-गो अभ्यास किया था, जिसके जरिए एयर स्ट्रिप की तैयारियों का परीक्षण किया गया। व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह और पुलिस अधीक्षक चारू निगम भी मौके पर पहुंचे थे।
एक मई तक यातायात डायवर्ट
एयर स्ट्रिप के परीक्षण और सुरक्षा व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर एक मई तक यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के पूरा होने के बाद दो मई से आवागमन फिर से सामान्य कर दिया जाएगा। इससे पहले भी यहां अभ्यास किया जा चुका है। नवंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के मौके पर भी लड़ाकू विमानों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था। हालांकि, इस बार का अभ्यास पहले से कहीं अधिक बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है, जिस पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं।
