PM Narendra Modi Schoolmate Asgarali Vohra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 81 वर्षीय सहपाठी (स्कूल मित्र) असगर अली वोरा का दशकों पुराना संपत्ति विवाद आखिरकार सुलझ गया है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले स्थित मीरा-भायंदर में अपनी विवादित जमीन को लेकर पीएम मोदी से मुलाकात और हस्तक्षेप की मांग करने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें उनकी जमीन का अधिकार वापस मिल गया है।
नरेंद्र मोदी के 81 साल के एक पुराने स्कूल के साथी ने दशकों पुराने जमीन के विवाद की CBI जांच की मांग की थी। उनका आरोप है कि BJP विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़े बिल्डरों ने जाली कागजात का इस्तेमाल करके उनकी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया। स्थानीय नेता व विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित भूखंड से अपना दावा वापस लेते हुए समझौते की घोषणा की है।
PM मोदी से मुलाकात के बाद तेजी से बदला घटनाक्रम
दशकों से चल रहे इस भूखंड विवाद में असगर अली वोरा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई थी:
प्रधानमंत्री से गुहार: असगर अली वोरा ने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान अपनी जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए थे और मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया था।
विधायक का कब्जा छोड़ना: मुलाकात के तुरंत बाद राजनीतिक व प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हुई। मंगलवार को भाजपा नेता नरेंद्र मेहता ने औपचारिक रूप से ऐलान किया कि वे विवादित भूखंड का कब्जा छोड़ रहे हैं।
निर्माण अनुमति रद्द: मेहता ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूखंड के लिए ली गई निर्माण अनुमतियों को भी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आपसी समझौते से सुलझा मामला, पुलिस शिकायत वापस
दोनों पक्षों के बीच हुए उच्चस्तरीय समझौते के बाद कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाइयों को समाप्त कर दिया गया है:
शिकायतें वापस: जमीन विवाद के दौरान असगर अली वोरा के खिलाफ दर्ज कराई गई पुलिस शिकायतों को भाजपा नेता नरेंद्र मेहता ने वापस ले लिया है।
सौहार्दपूर्ण हल: दोनों पक्षों ने सर्वसम्मति से इस पुराने विवाद को समाप्त करने पर सहमति जताई, जिसके बाद वोरा परिवार को जमीन का वास्तविक स्वामित्व मिल गया है।
