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UP चुनाव 2027 से पहले 'INDIA' गठबंधन में महा-घमासान! सीट शेयरिंग पर सपा-कांग्रेस में फंसा पेच

यूपी विधान सभा चुनाव 2027: सूत्रों का कहना है कि गतिरोध केवल सीटों की संख्या को लेकर नहीं है बल्कि किस सीट पर कौन चुनाव लड़ेगा, इस पर भी तकरार है। जिन सीटों पर रस्साकशी चल रही है उनमें अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर शामिल हैं। इनके अलावा जो बड़ी सीटें हैं उन पर भी खींचतान चल रही है।

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यूपी में सपा-कांग्रेस में सीट बंटवारे पर फंसा पेच।

Photo : PTI

UP Assembly Election 2027 : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 साथ मिलकर लड़ने की तैयारी कर रहे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर तकरार सामने आई है। दोनों पार्टियों में सीटों को लेकर फिलहाल पेच फंस गया है। सूत्रों का कहना है कि सपा इस बार कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने के पक्ष में नहीं है। वह चाहती है कि कांग्रेस 60 से 70 सीटों पर चुनाव लड़े। सपा अपने इसी फॉर्मूले पर आगे बढ़ रही है। वहीं, कांग्रेस 2017 की तर्ज पर चुनाव लड़ना चाहती है। उसका इरादा 105 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करने की है।

कौन सी सीट किसके खाते में जाएगी, इस पर भी पेच

सूत्रों का कहना है कि गतिरोध केवल सीटों की संख्या को लेकर नहीं है बल्कि किस सीट पर कौन चुनाव लड़ेगा, इस पर भी तकरार है। जिन सीटों पर रस्साकशी चल रही है उनमें अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर शामिल हैं। इनके अलावा जो बड़ी सीटें हैं उन पर भी खींचतान चल रही है।

सपा ने कांग्रेस से संभावित उम्मीदवारों की सूची मांगी

सूत्रों का कहना है कि सपा अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर सीटें अपने पास रखना चाहती है जिस पर कांग्रेस को आपत्ति है। लखनऊ, गोरखपुर, महाराजगंज, आगरा, बनारस, बाराबंकी, लखीमपुर, गाजियाबाद, गौत्तम बुधनागर, गोंडा, जौनपुर, मेरठ, सहारनपुर, प्रताप गढ़,हाथरस, कानपुर, प्रयागराज, जैसी VIP सीटों पर भी पेंच फंसने की बात सामने आई है। सपा चाहती है कि कांग्रेस राज्य के ज्यादातर शहरी सीटों पर चुनाव लड़े। यही नहीं, अमेठी जो कि कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, यहां सपा एक भी सीट छोड़ने के लिए राजी नहीं है। साथ ही उसने कांग्रेस से संभावित प्रत्याशियों की लिस्ट भी मांग ली है।

पूरे दमखम के साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस इस बार यूपी चुनाव अपने पूरे दमखम के साथ लड़ना चाहती है। कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा और संगठन को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय पर्यवेक्षकों सहित प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और नेता विधानमंडल दल की बैठक राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि इसके बाद प्रदेश के नेताओं की मुलाकात पार्टी की वरिष्ठतम नेता सोनिया गांधी के साथ हुई। इस दौरान सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी औपचारिक चर्चा हुई। इसमें स्पष्ट संदेश दे दिया गया कि सपा के साथ बेहतर तालमेल करते हुए यह चुनाव लड़ना है।

2017 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सपा-कांग्रेस ने साथ मिलकर लड़ा

2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। दोनों दलों ने सीटों का बंटवारा भी किया था। लेकिन चुनाव परिणाम गठबंधन के पक्ष में नहीं रहे। 403 सीटों वाली विधानसभा में BJP ने 312 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि SP को 47 और कांग्रेस को सिर्फ 7 सीटें मिलीं। दोनों दलों का संयुक्त आंकड़ा 54 सीटों का रहा। वोट शेयर की बात करें तो SP को करीब 21.8% और कांग्रेस को 6.25%, यानी दोनों को मिलाकर लगभग 28% वोट मिले। कांग्रेस के लिए यह प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और चुनाव के बाद पार्टी के कुछ नेताओं ने SP के साथ गठबंधन और जमीनी स्तर पर समन्वय की कमी को इसके कारणों में गिनाया। कुल मिलाकर, SP-कांग्रेस गठबंधन BJP को सत्ता से रोकने में सफल नहीं हुआ और BJP ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनाई।

Vinod Mishra
विनोद मिश्राauthor

दिल्ली से लेकर यूपी की राजधानी लखनऊ में करीब दो दशक से टीवी पत्रकारिता कर रहें है। यूपी की सियासत की नब्ज और ब्यूरोकेसी की समझ है। पत्रकारिता एक पैशन है।

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