Operation Sindoor: भारत रूस से एस-400 सतह से हवा में मार करने वाली प्रक्षेपास्त्र प्रणालियों की अतिरिक्त खेप खरीदने पर विचार कर रहा है, क्योंकि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान ये हथियार बहुत प्रभावी साबित हुए थे। मामले से परिचित लोगों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुतिन की यात्रा के दौरान बातचीत संभव
ऐसा माना जा रहा है कि प्रस्तावित खरीद पर दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली और मास्को के बीच बातचीत हो सकती है। भारत ने रूस के साथ एस-400 वायु रक्षा प्रक्षेपास्त्र प्रणाली की पांच इकाइयों को खरीदने के लिए अक्टूबर 2018 में पांच अरब अमरीकी डालर के समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अनुबंध पर आगे बढ़ने से काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शंस एक्ट (CAATSA) के प्रावधानों के तहत अमेरिकी प्रतिबंध लग सकते हैं।
वायु सेना प्रमुख ने क्या कुछ कहा?
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, प्रक्षेपास्त्र प्रणाली के तीन स्क्वाड्रन की आपूर्ति पहले ही हो चुकी है। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह से एक संवाददाता सम्मेलन में पूछा गया कि क्या भारत हथियार प्रणाली की अतिरिक्त खेप खरीदने पर विचार कर रहा है तो उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “जाहिर है, इससे अच्छा परिणाम मिला है। इसलिए, ऐसे और सिस्टम की जरूरत है; आप कितनी खरीद सकते हैं, इसकी कोई सीमा नहीं है। पुनः, मैं इस बारे में चुप रहूंगा कि योजना क्या है, क्या हम और अधिक खरीदना चाहते हैं, कितना आदि।”
उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी हथियार प्रणाली साबित हुई है। हमारी अपनी प्रणाली भी विकसित की जा रही है। इसलिए हम इस पर निर्णय लेंगे। सनद रहे कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 प्रणालियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उपरोक्त सूत्रों ने बताया कि भारत एस-500 प्रक्षेपास्त्र प्रणाली खरीदने पर भी विचार कर सकता है।
