भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान (Pakistan) समर्थित गैंगेस्टर शहजाद भट्टी (Shahzad Bhatti) के आतंकी नेटवर्क पर बीती रात बड़ी कार्रवाई है। देश के 10 से ज्यादा राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। इनसे आतंकी नेटवर्क को लेकर पूछताछ जारी है। सूत्रों के अनुसार कई युवाओं की काउंसिलिंग भी कराई जा रही है। केंद्रीय एजेंसियों ने यह रेड दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत कई राज्यों में डाली है।
कई राज्यों में एक साथ छापे
बीती रात से शुरू हुए पैन इंडिया ऑपरेशन में पाकिस्तान समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के मॉड्यूल पर शिकंजा कसते हुए कई राज्यों में छापेमारी की गई। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में एक साथ चलायी गई। ऑपरेशन के दौरान 300 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब में पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों से 40 से अधिक संदिग्धों को राउंडअप किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि कहीं इन लोगों के तार सीमा पार बैठे नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।
सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जा रहा था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के मुताबिक, शहजाद भट्टी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था। आरोप है कि उन्हें पैसे का लालच देकर विभिन्न आपराधिक गतिविधियों के लिए उकसाया जा रहा था। एजेंसियों का दावा है कि कुछ लोगों को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग, संवेदनशील स्थानों की रेकी और देश में माहौल खराब करने जैसे कार्य सौंपे जा रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क भारत में अस्थिरता फैलाने और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। इसी को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने समन्वित तरीके से कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की। फिलहाल पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां डिजिटल सबूत, सोशल मीडिया चैट और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
हरियाणा STF की बड़ी कार्रवाई
हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्यभर से करीब 90 ऐसे युवकों को हिरासत में लिया है, जिनके शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इन युवकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स हटवाए गए हैं और उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी और आपराधिक गतिविधियों के लिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी।
