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'कोई कुछ भी कहे, आप डरना मत, मोदी सरकार पर रखिए भरोसा', Times Now Summit में ईंधन संकट पर बोले गृह मंत्री शाह

टाइम्स नाउ समिट 2026 के दूसरे दिन टाइम्स नाउ एवं टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियों को घाटा न हो इसके लिए सरकार ने अपनी एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है।

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टाइम्स नाउ समिट 2026 में गृह मंत्री अमित शाह।

Times Now Summit 2026 : पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से खड़े हुए ईंधन संकट पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि दुनिया में भारत एक मात्र ऐसा देश है जहां पेट्रोल के दाम में जीरो वृद्धि हुई है। शाह ने कहा कि विश्व भर में कच्चे तेल की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है लेकिन भारत शायद एकमात्र देश है जहां पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि नहीं हुई है। गृह मंत्री शाह ने यह बात शुक्रवार को टाइम्स नाउ समिट-2026 में कही। समिट के दूसरे दिन टाइम्स नाउ एवं टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार के साथ खास बातचीत में शाह ने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियों को घाटा न हो इसके लिए सरकार ने अपनी एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। शाह ने कहा कि 'ईंधन संकट पर विपक्ष लोगों को गुमराह करना चाहता लेकिन मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि राहुल जी या कोई कुछ भी कहे आप डरिए मत, आप मोदी सरकार पर भरोसा रखें।'

लोगों को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की-शाह

ईरान युद्ध की वजह से दुनिया भर में हुई पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत पर अपनी बात रखते हुए शाह ने कहा कि हमें देखना होगा कि पूरे विश्व में क्या हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ज्यादातर देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गए हैं। कई तरह की राशनिंग लागू हुई है। भारत शायद एकमात्र देश है जहां पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि नहीं हुई है। पेट्रोलियम कंपनियों को घाटा न हो सरकार ने अपनी एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। फिलिपींस में आपातकाल घोषित हो गया है। श्रीलंका में आठ लीटर से ज्यादा पेट्रोल नहीं मिल रहा है। बांग्लादेश में बाइक के लिए पेट्रोल निर्धारित हो गया है। पाकिस्तान में हफ्ते में चार दिन ही काम कर रहा है।

'ऑयल रिजर्व बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले लिए'

शाह ने कहा कहा कि भारत में रोजमर्रा के कार्यों में कोई कटौती नहीं हुई है। यह भारत में नेतृत्व की बहुत बड़ी सफलता है। यह सफलता केवल हौसले से नहीं है। बल्कि इसके पीछे 10 वर्षों की कड़ी मेहनत है। हमारी सरकार में देश में ऑयल रिजर्व बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। 2014 के समय पेट्रोलियम उत्पाद 27 देशों से आते थे आज इन्हें 42 देशों से मंगाया जा रहा है। खाड़ी देशों से पेट्रोलियम उत्पाद आने में 11 दिन लगते हैं, अब पेट्रोलियम प्रोडक्ट अमेरिका और कनाडा से मंगाए जा रहे हैं जिनके आने में 40 दिन लगते हैं। एक बार ईंधन टैकरों की आवाजाही नियमित हो जाने पर जो थोड़ा-बहुत संकट है, वह भी खत्म हो जाएगा।

कूटनीति के मसलों पर सार्वजनिक चर्चा नहीं होती-गृह मंत्री

इस सवाल पर कि पश्चिम एशिया संकट पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और एमके स्टालिन नहीं आए। इस सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि सारे राजनीतिक दल सर्वदलीय बैठक में उपस्थित थे। सोनिया गांधी जी की तबीयत खराब होने की वजह से राहुल गांधी इस बैठक में नहीं आ सके। अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी से एक सदस्य को भेजा था। टीएमसी की अपनी वजह है, शायद वह चुनावी माहौल से बाहर नहीं निकल पा रही है। लेकिन एक बात जो सबसे अहम है कि सर्वदलीय बैठक में वैश्विक संकट से भारत को निकालने के लिए सब ने एक एक साझा संकल्प लिया। वैश्विक संकट पहली बार नहीं आया है और कूटनीति के इस तरह के मसले जब सामने आते हैं तो इस पर सार्वजनिक रूप से या संसद में बहस नहीं होती। इस पर कोई राजनीति करना चाहता है तो करे।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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