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Independence Day: लाल किले से प्रधानमंत्री का भाषण सुनेंगे 1800 स्पेशल गेस्ट, जानिए इस बार के आयोजन में क्या-क्या होगा खास

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 14, 2023, 06:48 AM IST

Independence Day: जिन 1800 लोगों को लाल किले पर होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है, उनमें 660 वाइब्रेंट गांवों के 400 सरपंच भी शामिल होंगे। वहीं, स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए 12 स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं।

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लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस का आयोजन होगा खास

Photo : BCCL

Independence Day: देश की आजादी के उत्सव यानी स्वतंत्रता दिवस का आयोजन हर बार बेहद खास होता है। प्रधानमंत्री 15 अगस्त के दिन ध्वजारोहण के बाद लाल किले से देश को संबोधित करते हैं। हालांकि, इस बार का आयोजन थोड़ा विशेष होने वाला है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस बार देश के कोने-कोने से 1800 स्पेशल गेस्ट भी स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा होंगे।

सरकार के जन भागीदारी कार्यक्रम के तहत इन विशेष मेहमानों को प्रधानमंत्री का संबोधन सुनने के लिए आमंत्रित किया गया है। इतना ही नहीं प्रत्येक राज्य व केंद्र शासित प्रदेश से 75 जोड़ों (कपल्स) को भी उनकी पारंपरिक पोशाक में लाल किले पर समारोह देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।

400 सरपंच भी यादगार बनाएंगे आयोजन

सरकार की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि जिन 1800 लोगों को लाल किले पर होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया है, उनमें 660 वाइब्रेंट गांवों के 400 सरपंच भी शामिल होंगे। इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन योजना से जुड़े 250 लोग, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के 50-50 प्रतिभागी, नई संसद भवन सहित सेंट्रल विस्टा परियोजना के 50 श्रम योगी, 50 खादी कर्मचारी, 50 सीमा सड़कों के निर्माण में लगे कर्मचारी, 50-50 अमृत सरोवर और हर घर जल योजना में शामिल लोगों के साथ-साथ प्राथमिक विद्यालय के 50-50 शिक्षकों, नर्सों और मछुआरों को भी आमंत्रित किया गया है।

युद्ध स्मारक का दौरा करेंगे स्पेशल मेहमान

स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए जिन लोगों को आमंत्रित किया गया है, उनमें से कुछ विशेष अतिथियों को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा भी कराया जाएगा। इस दौरान वे रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट से भी मुलाकात कर सकते हैं। बता दें, इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस पर 'आजादी का अमृत महोत्सव' समारोह का समापन होगा, जिसे प्रधानमंत्री ने 12 मार्च, 2021 को अहमदाबाद, गुजरात के साबरमती आश्रम से शुरू किया था। 77वें स्वतंत्रता दिवस को मनाने के लिए कई नई पहल की गई हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल बड़ी संख्या में मेहमानों को आमंत्रित किया गया है।

बनाए गए 12 सेल्फी प्वाइंट

स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए 12 स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, इंडिया गेट, विजय चौक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, प्रगति मैदान, राज घाट, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन, आईटीओ मेट्रो गेट, नौबत खाना और शीश गंज गुरुद्वारा पर सरकार की योजनाओं को समर्पित सेल्फी प्वाइंट बने हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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