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Himachal Pradesh में हाहाकार! 'जल प्रहार' में गईं 54 की जान, 300 फंसे; चार हजार करोड़ का हुआ नुकसान

  • Curated by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jul 21, 2023, 12:53 PM IST

Himachal Pradesh Rains and Flash Floods: इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि पीएम मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में अत्याधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा की। पीएमओ ने कहा, ‘‘स्थानीय प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम प्रभावित लोगों की मदद के लिए काम कर रही हैं।’’

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हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि सूबे ने पिछले 50 साल में ऐसी भारी बारिश नहीं देखी है।

Himachal Pradesh Rains and Flash Floods: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में सोमवार (10 जुलाई, 2023) को लगातार तीसरे दिन भी बारिश का कहर देखने को मिला। शाम तक (खबर लिखे जाने तक) बारिश और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं के चलते कम से कम 54 लोगों की जान जा चुकी थी और 92 लोग घायल बताए गए। पुलिस के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि भूस्खलन के चलते चार और लोगों की मौत हुई है, जबकि कालका-शिमला राजमार्ग (शिमला शहर से लगभग 16 किमी दूर शोघी के पास) बाधित हो गया। उफान पर नदियों के बीच कई जगह पहाड़ दरके और चट्टानें टूटकर नीचे आईं। यही वजह है कि कई रूट्स प्रभावित हुए।

अधिकारियों के अनुसार, पर्यटन स्थल मनाली में फंसे 20 लोगों को बचा लिया गया है, पर फिलहाल अलग-अलग हिस्सों में लगभग 300 लोग फंसे हैं। शिमला के ठियोग उपमंडल स्थित पल्लवी गांव में सुबह भूस्खलन में मकान ढहा, जिसमें तीन लोगों (दीप बहादुर, देवदासी और मोहन बहादुर) की मौत हो गई।

इस बीच, शहर के बाहरी इलाके में रझाना गांव में भूस्खलन के बाद मलबे में फंसी एक बुजुर्ग महिला का शव रविवार रात को निकाला गया, जबकि कुछ घंटे पहले ही महिला की पौत्री का शव मौके से मिला था।

वहीं, यूनेस्को धरोहर स्थल शिमला-कालका रेल मार्ग पर भूस्खलन के चलते कई स्थानों पर पटरियां अवरुद्ध हो गईं, जिसके चलते रेल परिचालन मंगलवार तक निलंबित कर दिया गया। राज्यभर में शैक्षणिक संस्थानों को सोमवार और मंगलवार को बंद रखने का आदेश दिया गया।

जिले में 120 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हैं, जबकि 484 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हैं। शिमला के पुलिस अधिकारियों ने ‘पीटीआई’ को बताया कि पेड़ों के उखड़ने, छत गिरने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं। अब तक 10 घर और 20 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।

रामपुर निवासी क्रेशा ने बताया कि सतलुज नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण उन्हें यह जगह छोड़नी पड़ी। नदी किनारे रहने वाली रवीना ने बताया कि पानी घर में घुस गया है। वहीं, उन्होंने सरकार से बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद की अपील की।

रामपुर में एक गोशाला कर्मी सुलोचना ने कहा, ‘‘हमारी गोशाला बह गई है। आश्रय के लिए जगह नहीं होने से मवेशियों को छोड़ दिया गया है। हम गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं।’’

राज्य में फ्लैश फ्लड्स के चलते चार हजार करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका जताई गई है। सूबे में मॉनसून के दौरान एक जुलाई से नौ जुलाई तक सामान्य 160.6 मिलीमीटर की तुलना में 271.5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो 69 प्रतिशत अधिक है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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