लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिन से मौसम की मार जारी है। करीब 50 जिलों में तेज आंधी-तूफान के साथ मध्यम से भारी बारिश जारी है। कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि राज्य में 100 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने तत्काल नष्ट फसलों का सर्वे कर किसानों को मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। पिछले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। राज्य के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है और कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का मध्यम खतरा भी बताया गया है।
बारिश से हुई जनहानि के मामलों में पांच लोगों की मौत तीन अलग-अलग घटनाओं में कच्ची मिट्टी की दीवार गिरने से हुई, जबकि एक व्यक्ति की जान पेड़ गिरने से गई। ये सभी मौतें लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में हुई हैं।
लखनऊ में 125.8 मिमी बारिश
राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह तक 21 घंटे की अवधि में 125.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना और कन्नौज, कानपुर देहात तथा हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर मकानों को भी क्षति पहुंची है। प्रशासन को प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। IMD ने 26 सितंबर को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि 27 सितंबर को भी भारी से बहुत भारी बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह 5:30 बजे यह प्रयागराज से करीब 230 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित था।
IMD के अनुसार, यह सिस्टम शनिवार शाम तक डिप्रेशन की स्थिति में दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। इसके बाद अगले 12 घंटे में धीरे-धीरे कमजोर होकर अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है।
इन इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। मध्य तराई क्षेत्र में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। अगले 24 घंटे के दौरान मध्य और तराई क्षेत्र के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का हल्का से मध्यम खतरा बताया गया है।
लखनऊ के लिए भी शनिवार को भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया था।
सीएम योगी ने तत्काल राहत के दिए निर्देश
भारी बारिश से पैदा हुए हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अतिवृष्टि से हुई जनहानि और पशुहानि पर तत्काल मुआवजा देने को कहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश में जिन लोगों के घर गिर गए हैं, उन्हें अनुमन्य मुआवजा तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही फसल बर्बादी का तत्काल आकलन कर प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा देने की कार्रवाई की जाए।
प्रभावित लोगों को राहत केंद्र पहुंचाने के निर्देश
सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को तत्काल बाढ़ राहत केंद्र और शरणालय केंद्रों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। घर गिरने से बेघर हुए लोगों को भी राहत और शरणालय केंद्रों में पहुंचाने को कहा गया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करने और उन्हें हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए अगले 24 से 48 घंटे भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
