Himachal Pradesh Snowfall: हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। भारी बर्फबारी के कारण 400 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। रास्तों के बंद होने से गाड़ियां जहां की तहां थम गई हैं। वहीं मौसम विभाग की ओर से हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। कोकसर और अटल टनल के इलाकों में 45 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई, वहीं सिस्सू और कोठी में 30 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गयी। केलांग, कुसुमसेरी और भरमौर में क्रमश: 18 सेंटीमीटर, 15.3 सेंटीमीटर और आठ सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गयी।
हिमाचल में हिमस्खलन की चेतावनी
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय और पर्वतीय इलाकों में एक बार फिर से बर्फबारी और बारिश होने के बाद कई इलाकों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। चंडीगढ़ स्थित रक्षा भूसूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला, चंबा और कुल्लू जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में बृहस्पतिवार तक हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। राज्य में एक जनवरी से अब तक भूस्खलन, ऊंचाई से गिरने, डूबने और आग लगने से 61 लोगों की मौत हो चुकी है और दो लोग लापता हुए हैं।
सड़क बंद, बिजली ठप
मिली जानकारी के अनुसार चार राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 405 मार्गों पर बर्फबारी की वजह से वाहनों की आवाजाही बंद हो गयी और बिजली के 577 ट्रांसफार्मर ठप पड़ गये। लाहौल और स्पीति में सबसे ज्यादा 288 मार्गों पर आवाजाही बाधित हुई। वहीं चंबा और कुल्लू में क्रमश: 83 और 21 मार्गों पर वाहन नदारद रहे।
हिमाचल प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम
केंद्र के मुताबिक, मनाली में सबसे अधिक 29 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी। मनाली के बाद सलूनी, तिस्सा और चंबा में क्रमश: 25.3, 20 और 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी। वहीं सियोबाग और बैजनाथ में क्रमश: 11 और आठ मिलीमीटर बारिश हुई। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले चार दिनों के लिए निचले इलाकों और मध्य पहाड़ियों में शुष्क मौसम और बृहस्पतिवार एवं शनिवार को ऊंचाई पर स्थित अलग-अलग स्थानों पर बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई है।
