अमीन सयानी को उनके रेडियो कार्यक्रम 'गीतमाला' के माध्यम से काफी लोकप्रियता हासिल हुई थी। 1952 में शुरू हुआ बिनाका गीतमाला कार्यक्रम देश के रेडियो परिदृश्य में एक मील का पत्थर साबित हुआ।
अमीन सयानी की आवाज रेडियो सीलोन के जरिए लोगों तक पहुंची थी और लोकप्रिय हुई थी। बिनाका गीतमाला था को सिर्फ 30 मिनट कार्यक्रम लेकिन लोगों ने इसे हाथों हाथ लिया और ये काफी हिट गया।
गीतमाला शो इतना हीट हिआ कि यह ऑल इंडिया रेडियो और विविध भारती पर भी प्रसारित होता था। बिनाका गीतमाला का नाम तीन बार बदला था, लेकिन उससे इसकी लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा।
गीतमाला शो की लोकप्रियता का आलम यह था कि लोग इसके प्रसारण के समय में काम छोड़कर रेडियो के आगे बैठ जाते थे, अमीन सयानी की बहनों और भाईयों...बोलने का इंतजार करने लगते।
गीतमाला शो 42 साल तक लगातार चला। अमीन सयानी की आवाज सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे साउथ एशिया में लोकप्रिय थी।
अमीन सयानी के नाम कई रिकॉर्ड्स हैं। लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अमीन सयानी के नाम सबसे ज्यादा 19000 जिंगल्स और वॉयस ओवर का एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने रिकॉर्ड 54 हजार रेडियो कार्यक्रम तैयार किए थे।
अमीन सयानी को मंगलवार (20 फरवरी 2024) शाम छह बजे दिल का दौरा पड़ा। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज करने की कोशिश की लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अमीन कुछ समय से उच्च रक्तचाप और उम्र संबंधी अन्य बीमारियों से पीड़ित थे।