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अमरावती की पूर्व सांसद व BJP नेता नवनीत राणा पर हमला, सभा में फेंकी गई कुर्सियां

Attack on Navneet Rana: अमरावती के दरियापुर के खल्लार गांव में नवनीत राणा पर हमला हुआ। बताया जा रहा है कि कुछ उपद्रवी तव्वों ने उनकी रैली में बाधा पहुंचाई और कुर्सियां तोड़ दीं। घटना के बाद नवनीत राणा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

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नवनीत राणा।

Photo : IANS

Attack on Navneet Rana: अमरावती के पूर्व सांसद व बीजेपी नेता नवनीत राणा पर हमले की खबर है। जानकारी के मुताबिक, एक रैली के दौरान उन पर हमला हुआ। इस दौरान अराजक तत्वों ने जमकर हंगामा किया और कुर्सियां भी तोड़ दीं। घटना अमरावती के दरियापुर के खल्लार गांव की बताई जा रही है। घटना के बाद नवनीत राणा अपने समर्थकों के साथ खल्लार पुलिस स्टेशन पहुंची और शिकारयत दर्ज कराई।

उधर, पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। बता दें, भाजपा की स्टार प्रचारक, पूर्व सांसद नवनीत राणा, दरियापुर से युवा स्वाभिमान पार्टी के उम्मीदवार भाजपा के बागी अरुण बुंदिले के प्रचार के लिए एक बैठक आयोजित की गई थी।

दो गुटों में विवाद के बाद हुआ हंगामा

क्राइम ब्रांच ग्रामीण अमरावती के इंस्पेक्टर किरण वानखड़े ने बताया कि, दरियापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रमेश बुंदिले के पक्ष में प्रचार करने भाजपा नेता नवनीत राणा खल्लार गांव आई थीं। रैली के दौरान दो समूहों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद हंगामा हुआ। हमने नवनीत राणा की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। स्थिति अब नियंत्रण में है। गांव में पुलिस चौकी स्थापित की गई है। हम नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करें। आगे की जांच जारी है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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