Leg shaking while sitting: क्या आप भी कहीं बैठते ही बिना सोचे-समझे पैर हिलाने लगते हैं? ऑफिस में काम करते समय, बस या ट्रेन में सफर के दौरान या घर पर टीवी देखते हुए अगर आपके पैर अपने आप हिलने लगते हैं, तो आपने भी कभी न कभी सोचा होगा कि आखिर ऐसा क्यों होता है। कई बार यह सिर्फ आदत, तनाव या बेचैनी की वजह से होता है और इसमें चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार होने लगे, पैर हिलाए बिना चैन न मिले या इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मोहन कृष्णा जोन्नलगड्डा बताते हैं कि पैरों का लगातार हिलना कुछ मामलों में शरीर के अंदर चल रही किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
हर बार पैर हिलना बीमारी नहीं होता
डॉ. मोहन कृष्णा जोन्नलगड्डा के अनुसार, कई लोग तनाव, चिंता, खुशी या सिर्फ आदत की वजह से बैठे-बैठे पैर हिलाते रहते हैं। कई बार लोगों को इसका एहसास भी नहीं होता। अगर ऐसा कभी-कभार होता है और इससे कोई परेशानी नहीं है, तो आमतौर पर चिंता की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर पैर अपने आप बार-बार हिलने लगें और उन्हें रोकना मुश्किल हो जाए, तो इसकी वजह जानना जरूरी है।
आराम करते समय बढ़ती है बेचैनी तो हो सकता है यह कारण
डॉक्टर बताते हैं कि कुछ लोगों में एक ऐसी समस्या होती है, जिसमें बैठते या लेटते ही पैरों में अजीब-सी बेचैनी शुरू हो जाती है। ऐसा लगता है जैसे पैरों में कुछ चल रहा हो, खिंचाव हो रहा हो या झुनझुनी हो रही हो। ऐसे में पैर हिलाने या थोड़ा चलने से कुछ देर के लिए आराम मिल जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा बार-बार हो रहा है, तो इसकी जांच करानी चाहिए।
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इन वजहों से भी बढ़ सकती है समस्या
डॉ. जोन्नलगड्डा के मुताबिक, शरीर में आयरन की कमी इसके बड़े कारणों में से एक हो सकती है। इसके अलावा विटामिन बी12, फोलेट और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी नसों और मांसपेशियों पर असर डाल सकती है। कुछ दवाएं भी इस परेशानी को बढ़ा सकती हैं। वहीं जरूरत से ज्यादा चाय, कॉफी या कैफीन वाली चीजें लेना, पूरी नींद न लेना और लगातार तनाव में रहना भी पैरों की अनचाही हरकत को बढ़ा सकता है।
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कब इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए
डॉक्टर के अनुसार, अगर पैर हिलने की समस्या लगातार बनी रहे या पहले से ज्यादा बढ़ने लगे, पैरों में दर्द, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो, चलने में दिक्कत आने लगे, संतुलन बिगड़ने लगे या पैरों की बेचैनी की वजह से नींद खराब होने लगे, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कुछ मामलों में यह नसों से जुड़ी दूसरी बीमारियों का भी संकेत हो सकता है।
क्या करें ताकि राहत मिल सके
डॉ. मोहन कृष्णा जोन्नलगड्डा सलाह देते हैं कि रोजाना अच्छी और पूरी नींद लें, चाय-कॉफी का जरूरत से ज्यादा सेवन न करें, तनाव कम करने की कोशिश करें और नियमित रूप से हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि करते रहें। अगर शरीर में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी है, तो डॉक्टर की सलाह से उसका इलाज कराएं। सबसे जरूरी बात, अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है, तो इसे सिर्फ आदत समझकर नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच और इलाज से इसकी असली वजह पता लगाई जा सकती है और जरूरत पड़ने पर समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है।
