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Gyanvapi ASI Survey: ज्ञानवापी के ASI सर्वे पर फारूक, फरंगी महली और बर्क ने क्या कहा, Video

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Aug 3, 2023, 12:20 PM IST

Gyanvapi Masjid Case : सर्वे कराने के हाई कोर्ट के फैसले पर राजनीतिक एवं धार्मिक प्रतिक्रियाएं आई हैं। फारूक अब्दुल्ला, सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क और फरंगी महली ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि 'चाहे वह मंदिर हो या मस्जिद, ईश्वर एक है। आप चाहे मंदिर में भगवान देखें या मस्जिद में अल्लाह।'

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर (Gyanvapi Masjid Case) में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का सर्वे का काम दोबारा शुरू होगा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपने फैसले में वाराणसी जिला अदालत के सर्वे के फैसले को सही ठहराया। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद परिसर में ASI सर्वे का रास्ता अब साफ हो गया है। कोर्ट ने अपने आदेश में वजूखाने को छोड़कर ज्ञानवापी के पूरे परिसर का वैज्ञानिक सर्वे करने का आदेश दिया है। हालांकि, सर्वे का यह काम कब तक चलेगा इस पर कोई समय सीमा नहीं दी गई है।

सबका मालिक एक है-फारूक अब्दुल्ला

सर्वे कराने के हाई कोर्ट के फैसले पर राजनीतिक एवं धार्मिक प्रतिक्रियाएं आई हैं। फारूक अब्दुल्ला, सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क और फरंगी महली ने प्रतिक्रियाएं दी हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि 'चाहे वह मंदिर हो या मस्जिद, ईश्वर एक है। आप चाहे मंदिर में भगवान देखें या मस्जिद में अल्लाह।'

फरंगी महली बोले-उम्मीद है न्याय होगा

एएसआई सर्वे पर एआईएमपीएलबी के सदस्य मौलाना खालिद राशिद फरंगी महली ने कहा कि 'चूंकि यह मस्जिद 600 साल पुरानी है ऐसे में हमें उम्मीद है कि इस मामले में न्याय होगा। बीते 600 साल से मुस्लिम यहां नमाज पढ़ते आ रहे हैं। हम यह भी चाहते हैं कि देश में प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट को सख्ती से लागू किया जाए। मुझे लगता है कि हाई कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने के लिए मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाएगा।'

फैसले का सम्मान करेंगे-बर्क

समाजवादी पार्टी के सांसद डॉक्टर एसटी हसन ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा, 'आज देश को सांप्रदायिक सौहार्द एवं एकता की जरूरत है। ऐसा कोई भी बयान नहीं देने चाहिए जिससे कि देश के लोगों में मतभेद पैदा करे।' हसन ने यह भी कहा कि एएसआई अब गड़े मुर्दे उखाड़ेगा।

बर्क ने टिप्पणी करने से इंकार किया

ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे पर सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने किसी तरह की टिप्पणी करने के इंकार कर दिया। आज के फैसले पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह इस पर कुछ नहीं कहेंगे। हालांकि, बर्क ज्ञानवापी मामले में बयान देते आए हैं। ज्ञानवापी पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर उन्होंने कहा कि 'योगी जी चाहे कुछ भी कहें, हम ज्ञानवापी को मस्जिद ही मानेंगे।' दरअसल, कुछ दिनों पहले एक इंटरव्यू में सीएम योगी ने कहा कि मुस्लिम यदि ज्ञानवापी को मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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