'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर संसद में विशेष चर्चा आयोजित हो रही है। सोमवार को लोकसभा में हुई विस्तृत चर्चा के बाद, अब मंगलवार को राज्यसभा में भी राष्ट्रीय गीत पर विशेष चर्चा होगी। देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस गीत के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में संसद में खास चर्चा की शुरुआत कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। जानकारी के अनुसार, राज्यसभा में मंगलवार को दोपहर 1 बजे से 'वंदे मातरम' पर विशेष चर्चा होगी।
बताया जा रहा है कि राज्यसभा में भाजपा की ओर से चर्चा की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। अमित शाह 'वंदे मातरम्' की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर अपने विचार रखेंगे। चर्चा का समापन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। इसके अलावा, भाजपा के वरिष्ठ नेता राधामोहन दास अग्रवाल, के लक्ष्मण, घनश्याम तिवारी और सतपाल शर्मा भी इस चर्चा में हिस्सा लेंगे।
पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर दुख जताया कि जब राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 100 साल पूरे हुए, तब संविधान का गला घोंटा गया और देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा गया। लोकसभा में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर एक दिवसीय चर्चा की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वंदे मातरम चट्टान की तरह खड़ा रहा और ब्रिटिश दमन के बावजूद एकता की प्रेरणा देता रहा। उन्होंने कहा, जब वंदे मातरम के 100 साल पूरे हुए, तब देश आपातकाल की ज़ंजीरों में जकड़ा हुआ था। उस समय संविधान का गला घोंटा गया और देशभक्ति के लिए जीने-मरने वालों को जेल में डाल दिया गया।
वंदे मातरम एक मंत्र है, एक नारा है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा-वंदे मातरम एक मंत्र है, एक नारा है जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा दी, प्रेरणा दी, और त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया। यह गर्व की बात है कि हम वंदे मातरम के 150 वर्ष के साक्षी बन रहे हैं। यह एक ऐतिहासिक क्षण है। यह एक ऐसा कालखंड है जब कई ऐतिहासिक घटनाओं को मील के पत्थर के रूप में मनाया जा रहा है... हमने हाल ही में अपने संविधान के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। देश सरदार पटेल और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मना रहा है। हम गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस भी मना रहे हैं। अब हम वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहे हैं।
जब वंदे मातरम के 100 वर्ष पूरे हुए, तब भारत आपातकाल के चंगुल में था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- जब वंदे मातरम के 50 वर्ष पूरे हुए, तब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था। जब वंदे मातरम के 100 वर्ष पूरे हुए, तब भारत आपातकाल के चंगुल में था... उस समय देशभक्तों को जेल में डाल दिया गया था। जिस गीत ने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया, दुर्भाग्य से भारत एक काले दौर से गुजर रहा था.... वंदे मातरम के 150 वर्ष उस गौरव और हमारे अतीत के उस महान हिस्से को पुनः स्थापित करने का एक अवसर है... इस गीत ने हमें 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
