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भीषण गर्मी के बीच मौतें: दिल्ली में एक ही दिन में 142 शवों का दाह संस्कार, कोरोना के बाद सबसे अधिक आंकड़ा

हालांकि, आधिकारिक तौर पर मौत का कारण नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि प्रचंड गर्मी में ही कई लोगों की जान गई है।

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दिल्ली में रिकॉर्ड मौतें

Photo : iStock

Delhi Heatwave: दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच कई मौतों के मामले सामने आए हैं। बुधवार 19 जून को निगम बोध घाट में कोरोना के बाद सबसे ज्यादा दाह संस्कार हुए हैं। कल रात 12 बजे तक 142 शवों का दाह संस्कार किया गया था। दिल्ली के निगम बोध घाट पर इस साल जून महीने में अभी तक 1101 शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। 2022 जून में हुए 1570 शवों के दाह संस्कार का रिकॉर्ड टूट सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया गया है कि गर्मी से ही इनकी मौतें हुई हैं, लेकिन माना जा रहा है कि प्रचंड गर्मी में ही कई लोगों की जान गई है।

दाह संस्कार के लिए 142 शव आए

दिल्ली के निगमबोध घाट पर बुधवार को कोरोना के बाद सबसे ज्यादा शव आए। इसकी एक वजह भीषण गर्मी बताई जा रही है। निगमबोध घाट दिल्ली का सबसे बड़ा श्मशान घाट है। यहां साधारणतया हर रोज 50 से 60 शव आते हैं। लेकिन बुधवार को 142 शव आए। पिछले कुछ सालों से जून के महीने में शमशान घाट में शवों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। इससे पहले कोविड के दिनों में शवों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली थी। उस दौरान जून के महीने में शवों की संख्या 1500 थी। निगमबोध घाट पर कोविड महामारी के दौरान एक दिन में 253 शव आए थे।

निगमबोध घाट के प्रभारी सुमन गुप्ता ने आईएएनएस को इस संबंध में बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ रही है। इसकी वजह से शमशान घाट में शवों की संख्या में तेजी देखने को मिली है। यह कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि कोरोना के बाद सबसे ज्यादा शव कल आए। निगमबोध घाट दिल्ली का सबसे बड़ा शमशान घाट है। यहां वैसे भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में शव आते हैं।

शवों की संख्या गर्मी में या सर्दी में बढ़ जाती है। गर्मी में लोग अत्यधिक तापमान और हीटवेव की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। वहीं सर्दी में बुजुर्ग लोगों को सांस की समस्या होती है, जिसकी वजह से शमशान घाट में आने वाले शवों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। बता दें कि पूरा उत्तर भारत इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। एनसीआर में हीट स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी गई है। अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। दस्त, डायरिया, उल्टी आदि मामलों के रोगियों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। अगर राजधानी दिल्ली की बात करें तो अलग-अलग अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। सिर्फ सफदरजंग अस्पताल में एक दिन में बुधवार को हीट स्ट्रोक के 15 मरीज भर्ती हुए।

पिछले कुछ दिनों का आंकड़ा

जून 2021 में 1210, जून 2022 में 1570 और जून 2023 में 1319 शवों का अंतिम संस्कार किया गया था। निगम बोध घाट पर हुए दाह संस्कार का पिछले एक हफ्ते का डाटा देखें-

14 जून - 43 शव

15 जून- 53 शव

16 जून -70 शव

17 जून- 54 शव

18 जून- 97 शव

19 जून- 142 शव (रात 12 बजे तक)

गर्मी के बीच कई मौतें

दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहने के बीच पिछले 48 घंटों के दौरान दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से वंचित सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़े 50 लोगों के शव बरामद किए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हालांकि, पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि क्या सभी की मौत गर्मी से संबंधित कारणों से हुई। बेघर लोगों के लिए काम करने वाले एक गैर सरकारी संगठन ‘सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट’ ने दावा किया है कि 11 से 19 जून के बीच दिल्ली में भीषण गर्मी के कारण 192 बेघर लोगों की मौत हुई। (आईएएनएस इनपुट)

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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