दिल्ली के डिप्टी सीएम और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी मनीष सिसोदिया ने दावा किया है कि उनके पीए (पर्सनल असिस्टेंट) अरेस्ट कर लिए गए हैं। शनिवार (पांच नवंबर, 2022) को उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम उठा ले गई।
उन्होंने यह जानकारी ट्वीट करते हुए दी और लिखा, "इन्होंने झूठी FIR कर मेरे घर रेड करवाई, बैंक लॉकर तलाश लिए, मेरे गाँव में जाँच कर ली लेकिन मेरे ख़िलाफ़ कहीं कुछ नहीं मिला। आज इन्होंने मेरे PA के घर पर ईडी की रेड करी वहाँ भी कुछ नहीं मिला तो अब उसको गिरफ़्तार कर के ले गये है। भाजपा वालों! चुनाव में हार का इतना डर।"
इस बीच, बीजेपी के प्रवक्ता हरीश खुराना ने एक हिंदी न्यूज चैनल को बताया- कानून तो अपना काम करेगा। आप के नेता परेशान क्यों हो जाते हैं? अगर कुछ नहीं किया होगा, तो छूठ जाएंगे, किया होगा तो नहीं बचेंगे।
वहीं, कांग्रेस नेत्री अल्का लांबा ने बताया कि खुद ही जांच कर रहे हैं और खुद ही बता रहे हैं कि कुछ नहीं मिला। ये आखिरकार कौन बताएगा...वही बताएंगे क्या? सत्येंद्र जैन तो जेल में ऐश की जिंदगी जी रहे हैं। आप उन्हें बर्खास्त करने के बजाय उनके नाम पर वोट मांग रहे हैं। अरविंद केजरीवाल का चेहरा बेनकाब हो गया।
दरअसल, यह पूरा मामला दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से जुड़ा है। इस केस में ईडी पिछले कुछ रोज से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेड डाल रही है। आप का दावा है कि सिसोदिया के करीबियों के ठिकानों पर ये छापेमारी की गई हैं। हालांकि, उन जगहों पर फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पहले, अगस्त में सीबीआई ने सिसोदिया के घर पर इसी मामले में रेड डाली थी।
