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अब कहां बचकर भागेंगे नक्सली? तेलंगाना के कर्रेगुट्टा में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अंतिम प्रहार

सूत्रों ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र से अब तक करीब 120 आईईडी बरामद किए गए हैं, जहां भारी मात्रा में बारूदी सुरंग लगायी गई हैं, साथ ही बंकर जैसे कई ठिकाने भी मौजूद हैं। इस ‘अब तक के सबसे बड़े’ नक्सल रोधी अभियान के लिए विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में एम्बुलेंस को तैनात किया गया है, जिसमें विभिन्न स्थानों पर 20,000 से अधिक जवान तैनात हैं।

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तेलंगाना में माओवादियों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : PTI

सुरक्षा बलों ने तेलंगाना के कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में मंगलवार को ‘‘अंतिम प्रहार’’ किया, जहां सीआरपीएफ ने अब तक का सबसे बड़ा" नक्सल रोधी अभियान शुरू किया था। सूत्रों ने बताया कि इस अभियान में सौ से अधिक आईईडी बरामद किए गए हैं और करीब 10 जवान घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 204 कोबरा बटालियन के 32 वर्षीय सहायक कमांडेंट रैंक के अधिकारी सागर बोराडे ने 4 मई को एक आईईडी विस्फोट में अपना बायां पैर गंवा दिया था। उस समय वह एक घायल जवान को बचाने की कोशिश कर रहे थे।

सुरक्षा बलों ने अब अंतिम प्रहार शुरू किया

अभियान की निगरानी कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सीआरपीएफ के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने अब अंतिम प्रहार शुरू किया है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाके में कुछ कुख्यात नक्सलियों के छिपे होने का संदेह है और अभियान जल्द ही अपने तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचेगा। अधिकारी ने बताया कि अब तक अभियान में तीन महिला नक्सली मारी गयी हैं तथा विभिन्न प्रकार के हथियार और विस्फोटक बरामद किये गये हैं।

लगे हैं 4 बडे़ हेलीकॉप्टर

अधिकारियों ने बताया कि पीएलजीए बटालियन नंबर 1 के स्वयंभू शीर्ष कमांडर हिडमा और देवा जैसे अन्य नक्सलियों पर नजर रखने के लिए करीब चार हेलीकॉप्टर, 20 बड़े और छोटे मानव रहित हवाई यान (यूएवी) के दो ड्रोन स्क्वाड्रन, एनटीआरओ द्वारा उपलब्ध कराए गए उपग्रह चित्र और मानचित्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार हिडमा को कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में बने एक बंकर के आसपास एक हथियारबंद दस्ते के साथ देखा गया था और इसी सूचना के आधार पर अभियान शुरू किया गया था।

2000 हजार जवान अभियान में जुटे

सीआरपीएफ की 20 नयी कंपनी को सोमवार रात से परिचालन क्षेत्र में तैनात किया गया है, जिनमें लगभग 2,000 जवान हैं। छत्तीसगढ़ की सीमा से लगते तेलंगाना की कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर 21 अप्रैल को शुरू किए गए अभियान में लगभग 10 जवान घायल हो गए हैं, जिनमें पांच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के और बाकी छत्तीसगढ़ पुलिस की विभिन्न इकाइयों जैसे जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के हैं।

भाषा की रिपोर्ट

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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