शहर

ये बिहार है साहेब! जिस वाटर कैनन के डर से छात्रों को भागना चाहिए, उसी में शैंपू लगाकर नहाने लगे

Bihar BPSC Protest: बिहार में छात्रों को रोकने के लिए जब पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, तब छात्र वहां से भागने के बजाय शैंपू लगाकर नहाने लगे।

Bihar BPSC Protest: ये बिहार है बाबू, यहां कुछ भी हो सकता है...यहां पुलिस के वाटर कैनन के बौछार से डरने के बजाय छात्र शैंपू लगाकर नहा सकते हैं, नाच सकते हैं...माफ करिए, सकते हैं नहीं बल्कि ऐसा ही कर रहे हैं। जिस पानी की बौछार से छात्रों को रूक जाना चाहिए, उसमें वो स्नान कर रहे हैं, वो भी शैंपू लगाकर। गाना बजाकर डांस कर रहे हैं, और जैसे ही पुलिस पानी की बौछार को रोकती है, छात्र आगे बढ़ जाते हैं।

पटना में आज BPSC छात्रों का प्रदर्शन

दरअसल आज बिहार की राजधानी पटना में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन हो रहा है। छात्र BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। आज के आदोलन के दौरान एक बार फिर से छात्र,प्रशासन पर भारी पड़े। छात्रों को रोकने के लिए जब पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तो छात्र वहीं पर शैंपू निकालकर नहाने लगे। इसका वीडियो भी सामने आया है।

नहीं हिले छात्र

छात्रों जब पानी की बौछार से भी नहीं हिले तो पुलिस ने पानी बंद कर दिया और अधिकारी उन्हें समझाने लगे। लेकिन छात्र तो ठहरे छात्र वो क्यों समझें, पुलिस रोकती रही और छात्र बढ़ते रहे।

क्या है छात्रों की मांगे?

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) के अभ्यर्थियों समेत विभिन्न छात्र संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश में पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ रहे हैं। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में छात्र गांधी मैदान से मार्च निकालकर डाकबंगला चौराहे पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए थे। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। हाथों में तिरंगा लिए प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई और उन्होंने डाकबंगला चौराहे पर लगे बैरिकेड तोड़ दिए।

छात्र पिछले कई सप्ताह से पटना के गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में बीपीएससी टीआरई-4 में एक स्तरीय परीक्षा प्रणाली लागू करना, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की लंबित भर्ती परीक्षाएं आयोजित करना तथा हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को समान अवसर देना शामिल है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परीक्षा रद्द करने की भी मांग की।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

और पढ़ें
End of Article