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Train Accident: 'क्रू रेड सिग्नल पर पैसेंजर ट्रेन को कंट्रोल करने में नाकाम रहा', छत्तीसगढ़ ट्रेन टक्कर की शुरुआती जांच

Chhattisgarh Train Accident: रेलवे एक्सपर्ट्स द्वारा की गई घटना की शुरुआती जांच के नतीजों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में एक खड़ी मालगाड़ी से टकराने वाली पैसेंजर ट्रेन का क्रू रेड सिग्नल पर ट्रेन को कंट्रोल करने में नाकाम रहा।

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छत्तीसगढ़ ट्रेन हादसा (फोटो:ca)

Chhattisgarh Train Accident: 4 नवंबर यानी मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक लोकल MEMU (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) पैसेंजर ट्रेन एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई, जिसमें लोको पायलट समेत 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया है, 'ट्रेन नंबर 68733 (MEMU लोकल) का क्रू डेंजर सिग्नल नंबर AJ-5 पर ट्रेन को कंट्रोल करने में नाकाम रहा और ट्रेन नंबर N/MDIT (मालगाड़ी) के पिछले ब्रेक वैन (आखिरी कोच) से टकरा गई।'

इसमें आगे कहा गया है कि ट्रेन नंबर 68733 का क्रू डेंजर सिग्नल से पहले सही समय और सही जगह पर ट्रेन को कंट्रोल न करने और SPAD (सिग्नल पास्ड एट डेंजर) उल्लंघन करने के लिए जिम्मेदार था-यह रेड सिग्नल को ओवरशूट करने का एक मामला है।

जांच रिपोर्ट पांच एक्सपर्ट्स ने तैयार की थी, हालांकि इस पर सिर्फ तीन ने ही साइन किए हैं। सिग्नल और टेलीकॉम डिपार्टमेंट का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारी ने रिपोर्ट पर साइन नहीं किए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आठ कोच वाली MEMU ट्रेन (छह पैसेंजर कोच और दोनों सिरों पर दो मोटर कोच) गेवरा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 से दोपहर 3:48 बजे 'UP' लाइन पर बिलासपुर स्टेशन की ओर रवाना हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसने एक रेड सिग्नल को ओवरशूट किया और दोपहर 3:50 बजे अगले रेड सिग्नल पर खड़ी 59 वैगन वाली मालगाड़ी के पिछले ब्रेक वैन से टकरा गई।

मालगाड़ी का ब्रेक वैन पूरी तरह से पलट गया

टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि मालगाड़ी का ब्रेक वैन पूरी तरह से पलट गया और पैसेंजर ट्रेन का आधा मोटर कोच (इंजन) ब्रेक वैन के बगल वाले वैगन पर चढ़ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, मोटर कोच में लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट घायल पाए गए। लोको पायलट की बाद में मौत हो गई, जबकि असिस्टेंट लोको पायलट को अन्य यात्रियों के साथ तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि यह घटना UP लाइन पर हुई और घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए टावर कार चलाने के लिए बीच वाली लाइन का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है, 'बीच वाली लाइन को शाम 4:30 बजे और चौथी लाइन को शाम 4:50 बजे ट्रेन मूवमेंट के लिए फिट घोषित कर दिया गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू में शाम 4:07 बजे टावर कार स्टाफ ने शुरू किया था और यह जारी रहा।'

असिस्टेंट लोको पायलट का ब्रेथ एनालिसिस टेस्ट नहीं किया जा सका

इसमें आगे बताया गया कि असिस्टेंट लोको पायलट का ब्रेथ एनालिसिस टेस्ट नहीं किया जा सका क्योंकि उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।रिपोर्ट में गेवरा स्टेशन मास्टर का एक बयान भी शामिल है, जिसमें उन्होंने कहा कि MEMU ट्रेन के जाने के बाद, उन्हें VHF कम्युनिकेशन पर गार्ड से एक मैसेज मिला जिसमें एम्बुलेंस भेजने का अनुरोध किया गया था क्योंकि टक्कर हो गई थी। एक अधिकारी ने कहा, 'अब कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी इस दुर्घटना के कारण की जांच करेंगे और एक डिटेल्ड रिपोर्ट देंगे।'

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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