ईरान में हिजाब के खिलाफ बीते 10 दिन से आंदोलन जारी है.. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि ये आंदोलन अब तख्तापलट में तब्दील होने वाला है, आपको इस आंदोलन की पांच हीरो से मिलवाएंगे। ईरान में महसा अमीनी की मौत से शुरु हुआ हिजाब विरोधी आंदोलन बहुत बड़ा हो चुका है.. इतना बड़ा की सुप्रीम लीड़क तक इसकी आग पहुंचने लगी है.. लेकिन सवाल उठता है कि आखिर ये आंदोलन इतना बड़ा कैसे हो गया.. तो जवाब है वो पांच लड़कियां जो पुलिस की गोली से मारी गईं.. इन पांच लड़कियों को ईरान में शहीद के तौर पर माना जा रहा है.. और अब लड़ाई सिर्फ हिजाब की नहीं.. बल्कि इंसाफ की हो गई है..
सड़कों पर गदर, ईरान में बदलाव की लहर!
ईरान को बदल देंगे हवा में लहराते हिजाब?
बदलाव की आहट, ईरान में तख्तापलट?
कट्टर ईरान में 'तख्तापलट' का काउंटडाउन
ईरान में तख्तापलट के 5 चेहरे
हिजाब के खिलाफ लोगों के मन में कितना गुस्सा है ये तो इन तस्वीरों से साफ हो गया है.. लेकिन अब ये गुस्सा ईरान में तख्तापलट का रुख लेता जा रहा है.. जिस सुप्रीम लीडर को ईरान के लोग खुदा मानते थे अब उसके बैनर पोस्टर फूंके जा रहे हैं.. ईरान में मौजूदा क्रांति शुरु हुई हिजाब के नाम पर लेकिन अब इसका असर ईरान में तख्तापलट भी हो सकता है.. क्योंकि जनता कल तक जिस सुप्रीम लीडर यानि अयातुल्लाह खान खामेनेई का हर हुक्म सिर झुकाकर मानती आई है... अब वही जनता, उसी सुप्रीम लीडर के मुंह पर कालिख पोत रही है।
लोगों में गुस्सा इस कदर है कि वो खामेनेई के वजूद को ही मिटा डालने पर आमादा हैं
खामेनेई के पोस्टर फाड़े जा रहे हैं, सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में दावा किया गया है। कि ईरान की राजधानी तेहरान में लगी खामेनेई की सबसे बड़ी तस्वीर को लोगों ने आग लगा दी। 22 साल की महसा अमीनी की मौत ने 80 के दशक से चली आ रही इस्लामिक बंदिशों की चूलें किस कदर हिलाईं हैं.. तस्वीरें उसकी गवाही खुद दे रही हैं.. लोगों ने खामेनेई के अहंकार की इस निशानी इस मूर्ति को.. खामेनेई के गृहनगर मशहाद में ही आग लगा दी।'आने वाले वक्त में ईरान में तख्तापलट हो जाए तो चौंकने वाली बात नहीं होगी'
सोशल मीडिया में वायरल इन तस्वीरों में दावा किया जा रहा है कि खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान लोग उनकी मौत की दुआ मांग रहे हैं.. ईरान से आई इन तस्वीरों के बारे में ईरान तो क्या दुनिया के किसी भी देश ने नहीं सोचा होगा। लेकिन सालों से जिस एक कानून ने मुल्क की महिलाओं को बेड़ियों में बांधकर रखा.. अब उस कानून के खिलाफ पूरा देश खड़ा हो गया है.. जिसके बाद सुप्रीम लीडर की कुर्सी ही खतरे में आ गई है.. अगर आने वाले वक्त में ईरान में तख्तापलट हो जाए तो चौंकने वाली बात नहीं होगी
